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दस्तावेज लीक मामले में कोर्ट ने मांगी रिपोर्ट

Sat, 11 Apr 2015 12:33 PM IST
Updated Sat, 11 Apr 2015 12:33 PM IST
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court want report desperately on documents leaked case

पेट्रोलियम मंत्रालय दस्तावेज लीक मामले की जांच में बरामद दस्तावेजों पर अदालत ने गृह मंत्रालय, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय से रिपोर्ट तलब की है। अदालत ने इन मंत्रालयों के सचिवों को रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। अदालत ने उक्त निर्देश छह आरोपियों की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुये दिया है। मामले की अगली सुनवाई 15 अप्रैल को होगी।

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पटियाला हाउस अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश राज कपूर ने अपने निर्देश में कहा जांच अधिकारी के मुताबिक पेट्रोलियम मंत्रालय ने रिपोर्ट दाखिल नहीं की है। मंत्रालय ने पुलिस को भी रिपोर्ट नहीं सौंपी है। इसके मद्देनजर कोर्ट गृह मंत्रालय व पेट्रोलियम मंत्रालय के सचिवों का जवाब चाहती है क्योंकि वही इन मंत्रालयों के प्रमुख हैं और इस मामले में गोपनीय दस्तावेज अधिनियम लगाने के लिये वही सक्षम हैं।
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अदालत ने हर हाल में अगली तारीख पर यह रिपोर्ट पेश करने का निर्देश इन मंत्रालयों को दिया है। अदालत ने छह अप्रैल को पुलिस को तीन दिनों के भीतर पेट्रोलियम एंव प्राकृतिक गैस मंत्रालय की रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया था। अदालत ने पूछा था कि पुलिस द्वारा जब्त दस्तावेज गोपनीय थे या नहीं।
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आरोपियों को हिरासत में रखने का देना होगा जवाब

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जमानत याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई शुरु होने के बाद जांच अधिकारी ने अदालत को बताया कि रिपोर्ट भेजने के लिये मंत्रालय को सूचना दे दी गयी थी लेकिन अभी तक रिपोर्ट नहीं मिली है।

मामले में कई आरोपियों की ओर से पेश हुये वरिष्ठ अधिवक्ता रमेश गुप्ता ने कहा उनके मुव्वकिल को पुलिस ने गिरफ्तार किया था और वह हिरासत में हैं। पुलिस को बताना होगा कि उन्हें हिरासत में क्यों रखने की जरूरत है।

अधिवक्ता गुप्ता ने बहस करते हुये कहा पेट्रोलियम मंत्रालय को कोई जल्दी नहीं है और उसने अभी तक कुछ नहीं किया है। उन्होंने अभी तक कोई शिकायत दायर नहीं की है।

इस केस में गोपनीय दस्तावेज अधिनियम का मामला नहीं बनता क्योंकि जो दस्तावेज पुलिस ने बरामद किये हैं उनसे देश की सुरक्षा व अखंडता को कोई खतरा नहीं है। ऐसे हालात में आरोपियों को हिरासत में रखने का क्या औचित्य है।

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