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Delhi: पूर्व रॉ अधिकारी विकास यादव के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी, 17 अक्तूबर को कोर्ट में पेश होने का आदेश
Wed, 27 Aug 2025 09:01 PM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: विजय पुंडीर
Updated Wed, 27 Aug 2025 09:01 PM IST
सार
विकास यादव को 18 दिसंबर, 2023 को दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ ने रोहिणी निवासी की ओर से दर्ज कराई गई एक एफआईआर के बाद गिरफ्तार किया था। उस पर जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के साथ मिलीभगत करके अपहरण और जबरन वसूली का आरोप लगाया गया था।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
अपहरण व जबरन वसूली मामले में पूर्व रॉ अधिकारी विकास यादव के खिलाफ पटियाला हाउस कोर्ट ने गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) जारी किया। अपहरण और जबरन वसूली के एक लंबित मामले में सुनवाई के दौरान बार-बार बुलाए जाने के बावजूद भी विकास यादव के अदालत में पेश न होने पर अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सौरभ प्रताप सिंह लालर ने यह आदेश पारित किया। अदालत ने विकास यादव को 17 अक्तूबर को पेश होने का निर्देश दिया है।
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विकास यादव पर खालिस्तानी आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश का आरोप है। इससे पहले विकास यादव ने अपनी जान का खतरा बताते हुए अदालत में छूट की अर्जी दी थी और अदालत ने इसे स्वीकार कर लिया था। हालांकि, सोमवार को वह नई छूट याचिका दायर करने में विफल रहा, जिसके बाद अदालत ने दंडात्मक कार्रवाई की।
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यादव को 18 दिसंबर, 2023 को दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ ने रोहिणी निवासी की ओर से दर्ज कराई गई एक एफआईआर के बाद गिरफ्तार किया था। उस पर जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के साथ मिलीभगत करके अपहरण और जबरन वसूली का आरोप लगाया गया था। उसकी गिरफ्तारी अमेरिकी अधिकारियों द्वारा खालिस्तानी आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश के सिलसिले में सार्वजनिक रूप से उसका नाम लिए जाने के कुछ ही सप्ताह बाद हुई थी। हालांकि, बाद में उसे जमानत मिल गई थी।
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वहीं, पासपोर्ट की अवधि बढ़ाने से जुड़ी सह-आरोपी अब्दुल्ला खान के आवेदन पर सुनवाई के बाद इसे 17 अक्तूबर तक बढ़ा दिया गया। अदालत ने कहा कि पूर्व में दी गई विदेश यात्रा की अनुमति के दौरान इसके दुरुपयोग की बात सामने नहीं आई। सह-आरोपी ने कहा कि उसे क्रोनिक ब्लड कैंसर की बीमारी के लिए विदेश में विशेष चिकित्सा परामर्श की आवश्यकता है। वहीं, अतिरिक्त लोक अभियोजक ने इस अनुरोध का विरोध करते हुए कहा कि ऐसी अनुमति देने से आरोपी के फरार होने की संभावना है।