फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   court gets angry on e rickshaw, delhi government accepts mistake

दिल्ली सरकार को हाईकोर्ट ने लगाई फटकार

Thu, 24 Jul 2014 01:28 PM IST
Updated Thu, 24 Jul 2014 01:28 PM IST
विज्ञापन
court gets angry on e rickshaw, delhi government accepts mistake

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भले ही राजधानी में ई-रिक्शा को चलाने की खुली छूट प्रदान कर दी हो लेकिन दिल्ली सरकार का मानना है कि ई-रिक्शा का संचालन अवैध व गैरकानूनी रूप से हो रहा है।

विज्ञापन


दिल्ली सरकार परिवहन विभाग ने हाईकोर्ट के समक्ष दायर जबाव में उक्त तथ्य का खुलासा किया है। वहीं अदालत ने भी गैरकानूनी रूप से चल रहे ई-रिक्शा पर नाराजगी जताते हुए सरकार को कड़ी फटकार लगाई।
विज्ञापन


अदालत ने सरकार को एक सप्ताह में स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि आखिर किसके आदेश पर ई-रिक्शा चल रहे हैं।

'लोगों के लिए खतरा है ई-रिक्‍शा'

court gets angry on e rickshaw, delhi government accepts mistake

न्यायमूर्ति बीडी अहमद व न्यायमूर्ति सिद्घार्थ मृदुल की खंडपीठ के समक्ष बुधवार को परिवहन विभाग ने जबाव दाखिल कर बताया कि हमने अदालत के आदेश पर ई-रिक्शा के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है।

उन्होंने कहा कि यातायात पुलिस के संयुक्त आयुक्त ने भी अपनी रिपोर्ट में कहा कि है जिस प्रकार से राजधानी में ई-रिक्शा चल रही है उससे आम लोगों के जीवन को खतरा है।

उन्होंने कहा कि विभाग ने तय किया है कि ई-रिक्शा मोटर वाहन अधिनियम की श्रेणी में आएगी। इतना ही नहीं 24 अप्रैल को टेरी ने भी अपनी रिपोर्ट में ई-रिक्शा को मोटर वाहन कानून के दायरे में लाने को कहा है।

फोटो देखकर हैरान रह गई अदालत

court gets angry on e rickshaw, delhi government accepts mistake

उन्होंने कहा कि विभाग का मानना है कि वर्तमान में ई-रिक्शा का संचालन अवैध व गैरकानूनी रूप से हो रहा है। हमने दिल्ली पुलिस को ई-रिक्शा के खिलाफ कार्रवाई के लिए लिखा है अत: दिल्ली पुलिस से जबाव मांगा जाए कि क्या कारवाई की गई है।

वहीं सुनवाई के दौरान याची ने सामान से लदे ई-रिक्शा की फोटो पेश करते हुए कहा कि सरकार ने अदालत के आदेश के बावजूद अभी तक ई-रिक्शा के खिलाफ कोई कारवाई नहीं की।

अदालत ने फोटो देखकर आश्चर्य जताते हुए कहा कि यह ई-रिक्शा नहीं बल्कि एक ट्रक का समान है। अदालत ने सरकार के जबाव पर असंतोष जताते हुए कहा कि बिना लाईसेंस व बीमा के ई-रिक्शा आखिर सड़को पर किस के निर्देश पर चल रही है। अदालत ने सरकार को मामले में ज्यादा समय प्रदान करने से इंकार करते हुए सुनवाई 30 जुलाई तय कर दी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed