धार्मिक भावनाएं आहत करने के मामले में शाहरुख और सलमान को राहत
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मंदिर के सेट पर जूते पहन कर जाने और एक समुदाय विशेष की धार्मिक भावनाओं को आहत करने के मामले में अदालत ने बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख व सलमान खान को बड़ी राहत दी है। अदालत ने इन सितारों के खिलाफ एफआईआर का निर्देश देने से सोमवार को इंकार कर दिया।
तीस हजारी स्थित एसीएमएम वंदना जैन ने दिल्ली पुलिस की रिपोर्ट के मद्देनजर शाहरुख व सलमान खान के खिलाफ एफआईआर का निर्देश देने से इंकार कर दिया। हालांकि अदालत ने मामले में शिकायतकर्ता को मामले में और साक्ष्य पेश करने का मौका दिया है।
कोर्ट ने इसके लिये 14 अक्तूबर 2016 की तारीख तय की है। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि यह सितारे किसी मंदिर में जूते पहनकर नहीं गये थे बल्कि एक शो के सेट पर शूटिंग कर रहे थे। इन अभिनेताओं का किसी भी शख्स की धार्मिक भावनाओं को आहत करने की मंशा नहीं थी।
स्टूडियो में बने मंदिर के सेट पर शूटिंग कर रहे थे अभिनेता
मामले में शिकायतकर्ता अधिवक्ता गौरव गुलाटी का आरोप था कि इन आरोपियों ने मंदिर में जूते पहन कर प्रवेश कर लोगों की धार्मिक भावनाओं को आहत किया है। पुलिस की रिपोर्ट को खारिज कर इन अभिनेताओं पर मुकदमा चलाया जाना चाहिये।
अदालत ने शिकायत पर सुनवाई करते हुये रूप नगर थाना पुलिस को इस मामले में एटीआर पेश करने के लिये कहा था। दिल्ली पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि यह अभिनेता बिग बॉस 9 के लिये एक स्टूडियो में बने मंदिर के सेट पर शूटिंग कर रहे थे। इसके पीछे उनकी मंशा किसी धार्मिक समुदाय की भावनाओं को आहत करना नहीं था।
मामले में शिकायतकर्ता का कहना था कि उसने यू ट्यूब पर 15 दिसंबर 2015 को देखा कि सलमान व शाहरुख एक रियल्टी शो में शूटिंग करते हुये एक मंदिर के सेट पर खड़े हैं और उन्होंने जूत पहन रखे है। उन दोनों के पीछे काली माता की मूर्ति दिखाई दे रही है। अभिनेताओं के अलावा रियल्टी शो दिखाने वाले टीवी चैनल पर भी कार्रवाई करने की मांग की है।