शर्मनाकः रेप नहीं, विधवा ने सहमति से बनाए थे संबंध
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साल 2007 में पति की मौत के तीन साल बाद महिला एक शख्स के साथ रहने लगी। इस दौरान उसने अपनी मर्जी से उस सख्स के साथ शारीरिक संबंध बना लिए। लेकिन महिला ने कुछ दिन बाद आरोप लगाया कि उस सख्स ने उसे अपने घर ले जाकर रेप कर दिया।
यही नहीं मामला अदालत में पहुंच गया। सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि इस घटना के बारे में महिला ने किसी से जिक्र नहीं किया और न ही उसकी रिपोर्ट पुलिस में की।
इस घटना के बाद भी महिला आरोपी के संपर्क में रही। ऐसी हालात में इस बात पर विश्वास करना बेहद मुश्किल है कि आरोपी ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म किया।
दुष्कर्म का आरोपी बरी
द्वारका दिल्ली की जिला अदालत ने शादी का झांसा देकर विधवा से दुष्कर्म मामले में उत्तम नगर निवासी प्रमोद कुमार मित्तल को आरोप मुक्त कर दिया।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र भट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि शारीरिक संबंधों के लिए महिला की सहमति उसे शादी का झांसा देकर या धोखाधड़ी से नहीं ली गई थी, बल्कि महिला प्रमोद से पैसा ऐंठना चाहती थी।
अदालत ने महिला के बयान का हवाला देते हुए कहा कि दोनों पति-पत्नी के तौर पर रहते थे और उनके बीच शारीरिक संबंध भी बनते थे। उसने यह कभी नहीं कहा कि उसने शादी के वादे के मद्देनजर प्रमोद से संबंध बनाए थे।