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निगम सदन में हंगामा, पार्षदों का हल्ला बोल
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Tue, 03 Jun 2014 05:09 PM IST
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फरीदाबाद नगर निगम सदन की बजट बैठक मंगलवार को हंगामे की भेंट चढ़ गई। पानी एवं स्ट्रीट लाइट के मुद्दे पर पार्षदों ने नगर निगम आयुक्त विकास यादव को निरुत्तर कर दिया। पार्षदों ने कहा कि बजट तब पास होगा जब निगमायुक्त उनके मुताबिक चलेंगे।
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निगमायुक्त जन प्रतिनिधियों को अपने मुताबिक नहीं चला सकते। बजट 1400 करोड़ रुपये का पास करवाया जा रहा है और विकास कार्यों के लिए फूटी कौड़ी नहीं है। ऐसे में वह बजट पास करने के पक्ष में नहीं हैं।
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पार्षदों के भारी विरोध के बाद निगमायुक्त ने कहा कि 11 तारीख को बजट पर चर्चा होगी उसके बाद इसे पास किया जाएगा। इस पर पार्षद राजी हो गए।
पार्षदों में सबसे अधिक गुस्सा निगमायुक्त द्वारा विकास कार्य रोकने को लेकर था। पार्षद सतीश चंदीला, जगन डागर, ओमप्रकाश रक्षवाल, सोम मल्होत्रा, कैलाशवंती मल्होत्रा, धर्मवीर खटाना, महेंद्र सरपंच, धीरेंद्र प्रताप सिंह एवं अजय बैसला आदि ने कहा कि नगर निगम आयुक्त मंत्रियों और विधायकों के कहने पर फाइलें पास करते हैं।
पार्षदों का आरोप है कि पूरे शहर की जनता एक माह से पानी के लिए हाहाकार कर रही है और निगमायुक्त सालभर पहले पास हो चुके ट्यूबवेलों के लिए भी पैसा जारी नहीं कर रहे।
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रक्षवाल और बैंसला तो गुस्से में अपनी सीट छोड़कर मेयर, निगमायुक्त के सामने आ गए। पार्षदों ने कहा कि थोड़े ही दिनों में विधानसभा चुनाव है ऐसे में वे जनता के बीच क्या मुंह लेकर जाएंगे।
महेंद्र सरपंच ने कहा कि ट्यूबलाइट ठीक करवाने तक की पार्षद की हैसियत नहीं रह गई है तो इस सदन का क्या मतलब है। पार्षद ओमप्रकाश रक्षवाल ने कहा कि पूरे शहर में तिगांव विधानसभा क्षेत्र के ददसिया गांव से पानी की आपूर्ति हो रही है, जबकि खुद इस क्षेत्र के लिए जवाहरलाल नेहरू नेशनल अर्बन रिनुअल मिशन की 493 करोड़ रुपये की पेयजल परियोजना में इस क्षेत्र के लिए एक बूंद पानी का इंतजाम नहीं है।
नगर निगम के खाते में एक करोड़ भी नहीं
पार्षदों के इन बयानों के बाद नगर निगम आयुक्त ने पैसे का रोना रोया। उन्होंने कहा कि 376 करोड़ रुपये की फाइलें पास हो चुकी हैं, लेकिन पैसा नहीं है। इस समय निगम के अकाउंट में एक करोड़ रुपये भी नहीं हैं, जबकि देनदारी 90 करोड़ रुपये की है। ऐसे में वह क्या करें। उन्होंने सीवर, पानी एवं स्ट्रीट लाइटों के लिए कभी मना नहीं किया है।
हुडको से 100 करोड़ लोन लेगा निगम
नगर निगम आयुक्त विकास यादव ने कहा कि पानी की परियोजना पूरी होगी तभी पूरे क्षेत्र में पानी आएगा। इसके 493 करोड़ में 148 करोड़ रुपये नगर निगम को देना है। निगम ने 44 करोड़ रुपये दे दिए हैं। शेष के लिए एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से कर्ज मांगा गया था लेकिन उसने मना कर दिया। इसलिए अब लगभग 100 करोड़ रुपये का लोन हुडको से लेने का प्रस्ताव है।
क्यों तोड़ रहे हैं सीमेंटेड सड़क?
नगर निगम की पूर्व मेयर अनिता गोस्वामी ने कहा कि आदर्श नगर और पंजाबी धर्मशाला के बीच दो साल पहले सीमेंटेड सड़क बनाई गई थी। अब इसे तोड़कर सीवरलाइन डाली जा रही है। अधिकारी इस बात का जवाब दें कि यह सड़क सीवर लाइन डाले बिना कैसे बना दी गई। किस इंजीनियर ने उस वक्त इसे बनवाया जो अब सीवर लाइन के लिए तोड़ने की नौबत आ गई। इसकी जवाबदेही तय हो।