फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Corruption in aiims

एम्स के CVO की बर्खास्तगी में नया खुलासा

Mon, 25 Aug 2014 08:54 AM IST
Updated Mon, 25 Aug 2014 08:54 AM IST
विज्ञापन
Corruption in aiims

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के तत्कालीन डिप्टी डायरेक्टर एडमिनिस्ट्रेशन (डीडीए) और वर्तमान में हिमाचल प्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव विनीत चौधरी के कार्यकाल की जांच कर एम्स सीवीओ ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए थे।

विज्ञापन


जांच रिपोर्ट के मुताबिक डीडीए ने गलत जानकारी देकर सरकार का आर्थिक नुकसान किया था। लॉग बुक में डीडीए की कार के दो वर्ष तक रोजाना औसतन 144 किमी चलने की बात कही गई थी। जो जांच के दौरान गलत पाई गई।
विज्ञापन


यही नहीं डीडीए ने अपने कार्यालय के नवीनीकरण पर 19 लाख रुपये से अधिक खर्च किए जबकि स्वास्थ्य मंत्री को पांच लाख रुपये खर्च होने की जानकारी दी गई।

एम्स के सीवीओ रहे संजीव चतुर्वेदी ने अपनी जांच रिपोर्ट में बताया था कि जून-2010 से अगस्त-2012 तक डीडीए की कार प्रति दिन औसतन 144 किमी नहीं चली थी, गलत तरीके से इस दूरी को लॉग बुक में भरा गया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

जांच में सामने आई थी गलत लॉग बुक भरने की बात

Corruption in aiims

सीवीओ ने डीडीए के कार चालक देवेंद्र कुमार और निजी सहायक मिनाक्षी शर्मा के बयान को रिकॉर्ड किया। बयान में दोनों ने बताया कि डीडीए विनीत चौधरी के कहने पर लॉग बुक में अलग-अलग जगह भर कर दूरी लिखी जाती थी। सीवीओ की रिपोर्ट में कहा गया था कि डीडीए, एम्स कैंपस में ही रहते थे।

एम्स से स्वास्थ्य मंत्रालय की दूरी महज 16 किमी है। ऐसे में प्रतिदिन 144 किमी की दूरी समझ से परे थी। इसकी जांच की गई तो पाया गया कि  सरकारी छुट्टी के दिन भी लॉग बुक भर कर सरकार को नुकसान पहुंचाया गया।

जांच रिपोर्ट के मुताबिक डीडीए विनीत चौधरी ने अक्तूबर-2011 में एम्स स्थित अपने कार्यालय के नवीनीकरण पर 7.10 लाख और डीडीए सचिवालय के नवीनीकरण पर 12.16 लाख रुपये खर्च किए थे।

सरकारी राशि के दुरुपयोग पर सांसद शरद यादव ने संसद में तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री से इस संबंध में सवाल पूछे थे। तब स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि नवीनीकरण पर पांच लाख रुपये खर्च किए गए।

स्वास्थ्य मंत्री को यह जानकारी डीडीए की ओर से दी गई थी। सीवीओ ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि डीडीए की ओर से स्वास्थ्य मंत्री और संसद को गलत सूचना दी गई थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed