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निगम के पास वेतन देने को पैसे नहीं, अधिकारियों को चढ़ा बाउंसर रखने का शौक
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
Updated Wed, 18 May 2016 12:38 PM IST
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नगर निगम के पास कर्मचारियों को समय पर वेतन देने के लिए पैसे नहीं हैं। पैसों के अभाव में शहर में विकास कार्य ठप पड़े हैं। निगम लोगों को शुद्ध पेयजल तक उपलब्ध नहीं करा पा रहा है। बावजूद इसके निगम के अफसर अपनी सुरक्षा के लिए निगम के खर्चे पर बाउंसर रख रहे हैं।
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सोमवार को नगर निगम में पानी की समस्या लेकर आई महिला के साथ बाउंसरों द्वारा बदसलूकी के मामले को राज्य सरकार ने गंभीरता से लिया है। शहरी स्थानीय निकाय विभाग की मंत्री कविता जैन के मीडिया सलाहकार लवेश शर्मा ने बताया कि इस संबंध में मंत्री जी को अगवत करा दिया गया है।
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जल्द ही कार्रवाई की जाएगी। वहीं दूसरी ओर मंगलवार को निगम की संयुक्त आयुक्त आशिमा सांगवान ने मीडिया से बात करते हुए कबूला कि कार्यालय पर रखे गए बाउंसर नहीं सुरक्षा गार्ड हैं। निगम अपने खर्चे पर निजी सुरक्षा गार्ड रख सकता है।
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जबकि निगमायुक्त डॉ. आदित्य दहिया इस बारे में जांच कराने की बात कहतर पल्ला झाड़ रहे हैं। दरअसल सोमवार को एनआईटी 2 नंबर ई ब्लॉक के लोग पानी की समस्या को लेकर एक्सईएन एसके अग्रवाल के कार्यालय में धरना दे रहे थे।
तभी संयुक्त आयुक्त कार्यालय के बाहर बैठा एक बाउंसर वहां पहुंचा और महिला का हाथ पकड़कर बाहर धक्का देने लगा। महिला ने इसकी शिकायत जिला उपायुक्त और निगमायुक्त से भी की थी।
अधिकारियों को सताने लगा है डर
पानी और सीवर की समस्या को लेकर आए दिन होने वाले विरोध प्रदर्शन को देखते हुए निगम अफसरों को अपनी सुरक्षा का डर सताने लगा है। यही कारण है कि अधिकारियों ने निगम के खर्चे पर बाउंसर रखने की नई परंपरा शुरू कर दी है।
नगर निगम के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि किसी अधिकारी ने अपनी सुरक्षा के लिए निजी बाउंसर रखे हैं। इसके पहले भी यहां कई महिला अधिकारी रहीं हैं लेकिन किसी ने बाउंसर अथवा निजी सुरक्षा गार्ड नहीं रखे। लेकिन अब संयुक्त आयुक्त आशिमा सांगवान को निजी सुरक्षा गार्ड रखने का नया शौक लगा है।