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क्वारंटीन घरों से कूड़ा उठाने के लिए निगम ने निजी एजेंसी से किया करार
Wed, 08 Apr 2020 07:28 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी
किशन कुमार, अमर उजाला, नई दिल्ली
किशन कुमार, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: विक्रांत चतुर्वेदी
Updated Wed, 08 Apr 2020 07:28 PM IST
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कूड़े से भरा रिक्शा-ट्रॉली तक नहीं हटाया गया
- फोटो : अमर उजाला
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उत्तर दिल्ली नगर निगम में क्वारंटीन घरों से कूड़ा उठाने के लिए निजी एजेंसी एमएस बायोटेक वेस्ट सॉल्यूशन लिमिटेड के साथ करार किया है। एजेंसी जैव चिकित्सा अपशिष्ट के उचित निपटान का कार्य करेगी। निगम अनुसार, इस कार्य के लिए निगम के छह क्षेत्रों में बंद ऑटो टिपर की व्यवस्था की गई है।
हालांकि, क्वारंटीन घरों से कूड़ा उठाने का काम गत 29 मार्च से चल रहा है। क्वारंटीन घरों की पहचान करने के लिए निगम के कर्मचारी इसमें सहायता कर रहे हैं। कूड़ा उठाने के बाद एजेंसी द्वारा जीटी करनाल रोड स्थित एसएसआई औद्योगिक क्षेत्र में भस्मीकरण किया जाता है।
नरेला क्वारंटीन केंद्र के आसपास भी हो रहा है छिड़काव
उत्तरी निगम नरेला स्थित क्वारंटीन कैंप के 500 मीटर के दायरे में बने घरों के आसपास भी टैंकरों के माध्यम से संक्रमण रोधी दवा सोडियम हाइपोक्लोराइट का छिड़काव हो रहा है। इसके साथ ही पार्क, बाजार, अस्पताल व रेलिंग आदि को भी सैनिटाइज किया जा रहा है। क्षेत्र के स्वच्छता बनाए रखने के लिए निगम द्वारा 384 ऑटो टिपर की डोर टू डोर कचरा संग्रहण के लिए व्यवस्था की गई है।
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वहीं, निगम द्वारा प्रतिदिन तीन हजार मीट्रिक टन कचरा उठाकर लैंडफिल साइट तक पहुंचाया जा रहा है। इसके साथ ही 55 वर्ष से अधिक स्वच्छता कर्मचारियों को छुट्टी दी गई है। वहीं, 50 फीसदी बचे कर्मचारियों को वैकल्पिक दिन कार्य करने के लिए कहा जा रहा है। गौरतलब है कि उत्तर निगम में कुल 27338 स्वच्छता कर्मचारी हैं। जिसमें 2491 स्वच्छता कर्मचारियों की उम्र 55 वर्ष से अधिक है।
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हालांकि, क्वारंटीन घरों से कूड़ा उठाने का काम गत 29 मार्च से चल रहा है। क्वारंटीन घरों की पहचान करने के लिए निगम के कर्मचारी इसमें सहायता कर रहे हैं। कूड़ा उठाने के बाद एजेंसी द्वारा जीटी करनाल रोड स्थित एसएसआई औद्योगिक क्षेत्र में भस्मीकरण किया जाता है।
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नरेला क्वारंटीन केंद्र के आसपास भी हो रहा है छिड़काव
उत्तरी निगम नरेला स्थित क्वारंटीन कैंप के 500 मीटर के दायरे में बने घरों के आसपास भी टैंकरों के माध्यम से संक्रमण रोधी दवा सोडियम हाइपोक्लोराइट का छिड़काव हो रहा है। इसके साथ ही पार्क, बाजार, अस्पताल व रेलिंग आदि को भी सैनिटाइज किया जा रहा है। क्षेत्र के स्वच्छता बनाए रखने के लिए निगम द्वारा 384 ऑटो टिपर की डोर टू डोर कचरा संग्रहण के लिए व्यवस्था की गई है।
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वहीं, निगम द्वारा प्रतिदिन तीन हजार मीट्रिक टन कचरा उठाकर लैंडफिल साइट तक पहुंचाया जा रहा है। इसके साथ ही 55 वर्ष से अधिक स्वच्छता कर्मचारियों को छुट्टी दी गई है। वहीं, 50 फीसदी बचे कर्मचारियों को वैकल्पिक दिन कार्य करने के लिए कहा जा रहा है। गौरतलब है कि उत्तर निगम में कुल 27338 स्वच्छता कर्मचारी हैं। जिसमें 2491 स्वच्छता कर्मचारियों की उम्र 55 वर्ष से अधिक है।