Coronavirus: दिन में 'सोशल डिस्टेंसिंग' और शाम होते ही 'सोशल गैदरिंग', ये है दिल्लीवालों का हाल!
- गैर जरूरी लोगों को वापस भेज रही पुलिस, कर्फ्यू जैसे हालात में हर जगह सघन जांच
- झुग्गियों में है जागरूकता की कमी, नहीं दिखाई देती सोशल डिस्टेंसिंग
विस्तार
कोरोना वायरस का संक्रमण रोकने में ‘सोशल डिस्टेन्सिंग’ को सबसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यही कारण है कि लॉक डाउन के बाद भी कुछ लोगों ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं किया, तो सरकार ने सख्त रुख अपनाया और दिल्ली में अघोषित कर्फ्यू लागू कर दिया।
सरकार की सख्ती का असर मंगलवार को सड़कों पर दिखाई पड़ रहा है। बहुत कम ही लोग सड़कों पर निकल रहे हैं। पुलिस ने जगह-जगह पर बैरीकेडिंग लगा रखी है और हर आने-जाने वालों से कड़ी पूछताछ की जा रही है। गैर जरूरी तौर पर बाहर निकले लोगों से कड़ाई भी बरती जा रही है। सही वजह न बता पाने वाले लोगों को पुलिस वापस भी भेज दे रही है।
यूपी बॉर्डर से लेकर जगह-जगह सघन जांच
दिल्ली में आवश्यक सामान की आपूर्ति के वाहनों को छोड़ कर किसी भी अन्य वाहन के आने पर पाबंदी है। इसे चेक करने के लिए दिल्ली आने वाले सभी मुख्य मार्गों पर पुलिस ने बैरीकेडिंग कर दी है। लक्ष्मी नगर चौराहे पर तैनात दिल्ली पुलिस के जवान दीपक चौधरी ने बताया कि लोगों से कड़ी पूछताछ की जा रही है।
शहर के अंदर भी सभी प्रमुख चौराहों पर पुलिस की सघन जांच चल रही है और कड़ी पूछताछ के बाद केवल आवश्यक कार्य से बाहर निकले लोगों को ही गुजरने दिया जा रहा है। पूर्वी दिल्ली में मदर डेरी, लक्ष्मी नगर, निर्माण विहार, प्रीत विहार और वीथ्रीएस मॉल के बाहर हर जगह पर कड़ी चेकिंग की जा रही है।
कुछ लोग ऑटो जैसे साधनों से भी बाहर निकलते दिखाई पड़े हैं, लेकिन इनसे भी कड़ी पूछताछ हो रही है। लेकिन पब्लिक ट्रांसपोर्ट में डीटीसी की कुछ बसों के आलावा सभी वाहनों के सड़क पर उतरने पर प्रतिबंध है।
दिल्ली सरकार, एमसीडी और नागरिक सुरक्षा के लोग गलियों में पहुंचे
रविवार के जनता कर्फ्यू और सोमवार के लॉक डाउन में यह बात देखने में आई थी कि दिन भर तो लोग अपने घरों में सिमटे रहे, लेकिन शाम के समय काफी संख्या में लोग बाहर निकल आये। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पालन भी नहीं किया जा रहा था।
इसे देखते हुए दिल्ली पुलिस, दिल्ली नागरिक सुरक्षा बल और एमसीडी के कर्मचारियों सहित सभी विभागों के लोग गलियों तक पहुंच रहे हैं। एक जगह पर एकत्र लोगों को कड़ाई से अपने घरों तक में सीमित रहने को समझा रहे हैं। कई जगहों पर इन्हें कड़ाई का भी सामना करना पड़ रहा है।
बिजली विभाग के एक कर्मचारी भोला ने बताया कि विभाग के आधे कर्मचारी एक दिन काम करते हैं, तो दूसरे आधे छुट्टी पर रहते हैं। वे लोगों को आगाह कर रहे हैं कि लोग उनके कार्यालय न आएं और ऑनलाइन ही अपने कामकाज पूरे करें।
वे अपने-अपने इलाकों में जाकर लोगों से सोशल डिस्टेंसिंग अपनाने और घरों से बाहर न निकलने की अपील कर रहे हैं।
झुग्गियों में कहां है सोशल डिस्टेंसिंग
त्रिलोकपुरी और मंडावली की झुग्गियों में लोगों की जागरूकता की कमी के कारण अभी भी सोशल डिस्टेंसिंग नहीं अपनाया जा रहा है। अगर कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा तीसरे स्टेज में पहुंचता है और कम्युनिटी स्प्रेडिंग का खतरा बढ़ता है, तो इन्हीं इलाकों में लोगों के संक्रमण का खतरा महसूस किया जा रहा है।
हालांकि, दिल्ली नागरिक सुरक्षा बल के जवान यहां भी पहुंचकर लोगों को समझाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन इसका पर्याप्त असर होता नहीं दिख रहा है।