फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Coronavirus delhi IGI airport mass mismanagement not only omicron but large gathering is also big problem

आईजीआई पर कुप्रबंधन: एयरपोर्ट पर ओमिक्रॉन ही नहीं, भीड़ भी कर रही परेशान, हर रोज पहुंच रहे 10 हजार से अधिक यात्री

Tue, 07 Dec 2021 12:23 AM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Tue, 07 Dec 2021 12:23 AM IST
सार

दिल्ली एयरपोर्ट पर भीड़ के कुप्रबंधन की वजह से समाजिक दूरी का पालन नहीं हो पा रहा है। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री ने ट्वीट कर कहा कि भीड़ संभालने की व्यवस्था होनी चाहिए, भीड़ प्रबंधन करना डीडीएमए, इमिग्रेशन विभाग व डायल के लिए बना चुनौती।

विज्ञापन
Coronavirus delhi IGI airport mass mismanagement not only omicron but large gathering is also big problem
आईजीआई एयरपोर्ट पर लगी भीड़ - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ओमिक्रॉन की दस्तक ही नहीं दिल्ली एयरपोर्ट पर विदेशों से आने वालों की जमा भीड़ भी चिंता का कारण बन गई है। ना तो समाजिक दूरी का ठीक से प्रबंधन हो पा रहा है और ना ही भीड़ प्रबंधन। आरटीपीसीआर टेस्ट के लिए लगने वाली बेतरतीब भीड़ हर उस  प्रोटोकॉल को तोड़ती नजर आ रही है जिसे कोविड-19 के लिए बनाया गया था। डायल ही नहीं डीडीएमए और इमिग्रेशन डिपार्टमेंट का प्रबंधन भी फेल साबित हो रहा है।

विज्ञापन


एक तरफ ओमिक्रॉन की दस्तक ने चिंता बढ़ाने का काम किया है तो दिल्ली इंटरनेशन एयरपोर्ट की सोशल मीडिया पर वायरल भीड़ ने होश उड़ा दिए है। विभिन्न देशों से पहुंचने वाले विमान व यात्रियों की एक जगह एकत्रित भीड़ सभी के लिए चंता का सबब बन गई है। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने जहां इस भीड़ को देखते हुए नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को टैग कर कहा है कि हवाई अड्डे और नागरिक उड्डयन अधिकारियों को ऐसी स्थितियों को और अधिक समझदारी से संभालना चाहिए।
विज्ञापन


बेशुमार भीड़ को संभालने की व्यवस्थाएं होनी चाहिए, जिम्मेदारों को इसमें दिलचस्पी दिखानी होगी। उधर, सोशल मीडिया पर वायरल इस भीड़ को देखते हुए केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सोमवार को एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई। बैठक में दिल्ली एयरपोर्ट, कोविड-19 टेस्ट लैब कंपनी के अधिकारी शामिल हुए। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष योजना बनाने के निर्देश दिया गया। 
विज्ञापन
विज्ञापन


एयरपोर्ट पर रात में ही जमा हो जाती है भीड़
दिल्ली एयरपोर्ट के टर्मिनल-3 पर रात के वक्त ही भीड़ जमा हो जाती है। दरअसल विदेश से रात में सभी विमान दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंड करती है। विमानों के लेट होने से कई बार एक साथ दो विमान रनवे पर उतर आती है। ऐसे में दिशा-निर्देश के अनुसार सभी को आरटीपीसीआर कराने के लिए जल्दबाजी में उतावले रहते है। 

औसतन 10-11 हजार विदेश से यात्री पहुंचते हैं

दिल्ली एयरपोर्ट पर प्रतिदिन औसतन टर्मिनल-3 पर 10-11 हजार यात्री पहुंचते है। जब कोई फ्लाइट लेट होती है तो अचानक से दो विमान के यात्री एकत्रित हो जाते हैं। आरटीपीसीआर जांच में 4-5 घंटा लगने की वजह से यात्री एकत्रित हो जाते हैं।

भारतीय करेंसी नहीं होने से होती है परेशानी
विदेश से आने वाले कई यात्रियों के पास भारतीय रुपया नहीं होता। जांच के लिए डॉलर में रकम नहीं चुकाने की अनुमति होती है। ऐसे में रैपिड आरटीपीसीआर की सैकड़ों लोग आरटीपीसीआर कराते है। जिसमें चार से पांच घंटा रिपोर्ट आने में लग जाता है। यह भी भीड़ बढने की बड़ी वजह है।

छुट्टी, शादी-विवाह, क्रिसमस व कोविड के डर से बढ़ी यात्रियों की संख्या
छुट्टी, शादी-विवाद, क्रिसमस व कोविड के डर की वजह से विदेश से आने वालों की तादाद इनदिनों बढ़ी हुई है। सभी विमान यात्रियों से खचाखच भरा रह रहा है। एक साथ अधिक यात्रियों के आने से भीड़ प्रबंधन तार-तार हो जाता है। इतना ही नहीं कई लोग कोविड जांच के लिए ऑन लाइन बुकिंग नहीं करते है तो जांच काउंटर पर भीड़ अनियंत्रित हो जाती है।

इमिग्रेशन काउंटर की कमी
इमिग्रेशन काउंटर की संख्या भी भीड़ के सामने कम पड़ रही है। बड़ी संख्या में विदेशों से पहुंचने वाले यात्रियों को इमिग्रेशन काउंटर पर पहुंचना होता है। मुहर लगाने के लिए भीड़ बढ़ जाती है।

प्रबंधन में जुटा एयरपोर्ट 

एयरपोर्ट संचालन करने वाली कंपनी डायल भीड़ प्रबंधन में जुटी हुई है। बैठने की क्षमता को 1400 से बढ़ाकर 2000 किया गया है। कोविड जांच के लिए अलग से 20 काउंटर लगाया गया है। ताकि आसानी से यात्री जांच करा सके। खाने-पीने के लिए वेंडिंग मशीन लगाई गई है। जांच बढ़ाने और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष योजना बनाई जा रही है। जिससे किसी भी प्रकार के खतरे से बचा जा सके और भीड़ के कुप्रबंधन से बचने के लिए विशेष तरीका अपनाया जा रहा है।

हालांकि कुर्सी आगे-पीछे करके और बैठने की परिपाटी से भी अव्यवस्था हो जाती है। उधर, डीडीएमए के कर्मियों की कमी की वजह से भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराना बेहद चुनौती वाला बन जाता है। 

बेहतर प्रबंधन किया जा रहा है: जयपुरियार
सीईओ-डायल, विदेह कुमार जयपुरियार ने बताया कि, दिल्ली एयरपोर्ट पर आने वाले यात्रियों के लिए नए स्क्रीनिंग मानदंडों के प्रबंधन के लिए बुनियादी ढांचे और प्रक्रियाओं में निरंतर सुधार किया जा रहा है। आगमन पर कोविड जांच की प्री-बुकिंग करने वाले यात्रियों की संख्या हर दिन बढ़ रही है। इसके अलावा, अधिक से अधिक यात्री नियमित आरटीपीसीआर की तुलना में रैपिड पीसीआर परीक्षण का विकल्प चुन रहे हैं। इसे ध्यान में रखते हुए 120 रैपिड पीसीआर परीक्षण मशीनें लगा दी गई है। यात्रियों के लिए 20 समर्पित काउंटर उपलब्ध कराया गया है। प्रतीक्षा समय को कम करने के लिए विशेष इंतजाम किया जा रहा है। रैपिड पीसीआर परीक्षण के लिए 60 मिनट और आरटीपीसीआर परीक्षणों के लिए पांच घंटे लगते है। ऐसे में यात्रियों की तेज आवाजाही को सुगम बनाने के लिए इमिग्रेशन अधिकारियों के साथ मिलकर काम किया जा रहा है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed