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संक्रमित परिवार के पड़ोस में बंद घर के बाथरूम तक पहुंच सकता है वायरस 

Sun, 30 Aug 2020 05:39 PM IST
Mohit Mudgal परीक्षित निर्भय, अमर उजाला,नई दिल्ली
परीक्षित निर्भय, अमर उजाला,नई दिल्ली Published by: Mohit Mudgal Updated Sun, 30 Aug 2020 05:39 PM IST
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coronavirus can reach the bathroom of the house locked in the neighborhood from infected family
कोरोना वायरस - फोटो : अमर उजाला

कोरोना वायरस को लेकर दुनिया के कई देशों में वैज्ञानिकों को लगभग एक जैसे सुबूत मिले हैं। वैज्ञानिकों के मुताबिक, वायरस पड़ोस स्थित घर के बाथरूम तक पहुंच सकता है, जहां यह करीब 16 घंटे जीवित रह सकता है। 

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शोध में पता चला है कि यह वायरस बंद घर के बाथरूम में भी पहुंच सकता है। हालही मे हैदराबाद में भी सीवर में वायरस मिलने की पुष्टि हुई थी। इटली, अमेरिका, चीन और यूरोप के वैज्ञानिकों को भी ऐसे ही सुबूत मिले हैं। एनवॉयरमेंट इंटरनेशनल में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, इस साल फरवरी से लेकर जुलाई तक आधा दर्जन से ज्यादा चिकित्सकीय अध्ययनों में यह साबित हुआ है कि वायरस अस्पताल या मरीज के घर से होते हुए आसपास के क्षेत्र में भी फैल सकता है। 14 फरवरी को चीन के सीडीसी विभाग ने खुलासा किया था कि कोरोना वायरस सिंक, शॉवर, नल, हैंडल इत्यादि पर लंबे समय तक जिंदा रह सकता है। 
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हैदराबाद के सीवर में भी मिला था वायरस 
इस दौरान एक रिहायशी सोसायटी का हवाला देकर बताया गया कि बंद घर के बाथरूम में भी कोरोना वायरस के जीवित विषाणु पाए गए हैं क्योंकि उसके बराबर वाले घर में भी सभी सदस्य कोरोना संक्रमित थे। हैदराबाद स्थित सीसीएमबी के निदेशक डॉ. राकेश मिश्रा भी इसकी पुष्टि करते हैं। उन्होंने बताया कि पिछले माह ही उनकी निगरानी में एक अध्ययन किया गया था जिसमें यह पता चला कि कोरोना वायरस सीवर तक में जिंदा रह सकता है।
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हालांकि उनका यह भी कहना है कि कोरोना वायरस के बाथरूम में मौजूद रहने के सुबूत फिलहाल भारत में नहीं मिले हैं लेकिन सफदरजंग अस्पताल के सामुदायिक चिकित्सा विभागाध्यक्ष डॉ. जुगल किशोर का कहना है कि अपने देश में इस तरह का अध्ययन अब तक नहीं हुआ ही नहीं है। उनका कहना है कि चीन, अमेरिका और यूरोप की भांति भारत में भी संक्रमित परिवारों के आसपास की जांच होनी चाहिए ताकि संक्रमण के प्रसार का पता चल सके। 

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