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नौकरी पर कोरोना का कहर, मकान मालिक ने मारा-पीटा और कर दिया बेघर
Fri, 24 Jul 2020 04:23 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 24 Jul 2020 04:23 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
नंद नगरी में कोरोना काल में बेरोजगार हुए एक परिवार को उसके मकान मालिक ने किराया न देने पर सामान समेत घर से बाहर कर दिया। पिछले तीन दिन से लगातार हो रही बारिश में परिवार खुले आसमान में भीगने को मजबूर है।
पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि मकान मालिक ने पति-पत्नी को बुरी तरह पीटा भी। पीड़ित राकेश (45) अपनी शिकायत लेकर थाने भी पहुंचा, लेकिन उसे थाने से टरका दिया गया। पूरे मामले पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी जांच कराने की बात कर रहे हैं।
राकेश परिवार के साथ नंद नगरी के ब्लॉक सी-3 में शमशाद नामक शख्स के मकान में काफी समय से किराये पर रह रहा था। परिवार में पत्नी ऊषा और 13 साल का बेटा है। राकेश ने बताया कि वह छोटा-मोटा काम कर मजदूरी कर लिया करता था, लेकिन कोरोना की वजह से लॉकडाउन हुआ तो काम बंद हो गया। काम न मिलने की वजह से वह मकान का किराया भी नहीं दे पा रहा था, जबकि शमशाद किराया मांग रहा था।
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आरोप है कि शमशाद ने मकान खाली करने के लिए कहा। रविवार तड़के चार बजे शमशाद ने घर का दरवाजा खटखटाया और दंपती की पिटाई कर सामान सड़क बाहर कर दिया। पीड़ित परिवार थाने पहुंचा, लेकिन वहां सुनवाई नहीं हुई।
परिवार खुले आसमान के नीचे बारिश में भीगने को मजबूर हो गया। बुधवार रात एक राहगीर ने पीसीआर कॉल कर पुलिस से परिवार की मदद की बात की। राकेश का आरोप है कि पुलिस मौके पर आकर उल्टा उसे ही धमकाकर वापस चली गई। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मामले की जांच कराने की बात कर रहे हैं।
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पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि मकान मालिक ने पति-पत्नी को बुरी तरह पीटा भी। पीड़ित राकेश (45) अपनी शिकायत लेकर थाने भी पहुंचा, लेकिन उसे थाने से टरका दिया गया। पूरे मामले पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी जांच कराने की बात कर रहे हैं।
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राकेश परिवार के साथ नंद नगरी के ब्लॉक सी-3 में शमशाद नामक शख्स के मकान में काफी समय से किराये पर रह रहा था। परिवार में पत्नी ऊषा और 13 साल का बेटा है। राकेश ने बताया कि वह छोटा-मोटा काम कर मजदूरी कर लिया करता था, लेकिन कोरोना की वजह से लॉकडाउन हुआ तो काम बंद हो गया। काम न मिलने की वजह से वह मकान का किराया भी नहीं दे पा रहा था, जबकि शमशाद किराया मांग रहा था।
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आरोप है कि शमशाद ने मकान खाली करने के लिए कहा। रविवार तड़के चार बजे शमशाद ने घर का दरवाजा खटखटाया और दंपती की पिटाई कर सामान सड़क बाहर कर दिया। पीड़ित परिवार थाने पहुंचा, लेकिन वहां सुनवाई नहीं हुई।
परिवार खुले आसमान के नीचे बारिश में भीगने को मजबूर हो गया। बुधवार रात एक राहगीर ने पीसीआर कॉल कर पुलिस से परिवार की मदद की बात की। राकेश का आरोप है कि पुलिस मौके पर आकर उल्टा उसे ही धमकाकर वापस चली गई। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मामले की जांच कराने की बात कर रहे हैं।