सिपाही बनाने के लिए छह लाख में हुई डील
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सिपाहियों की भर्ती के लिए रविवार को हुई परीक्षा में एसटीएफ और पुलिस ने प्रतियोगी अभ्यर्थी के स्थान पर पेपर देने वाले दो युवकों को गिरफ्तार किया है। दोनों फर्जी दस्तावेज पर परीक्षा दे रहे थे। इनके पास से फर्जी आधार व पहचान पत्र मिले हैं। इन पर खुद की फोटो लगा रखी थी।
पुलिस के अनुसार, युवकों के तार राजस्थान के फर्जी परीक्षा दिलवाने और पेपर सॉल्व कराने वाले गिरोह से जुड़े हैं। एक युवक दादरी के वैदिक कन्या इंटर कॉलेज और दूसरा सूरजपुर कोतवाली क्षेत्र के नेहरू स्मारक इंटर कॉलेज, साकीपुर से पकड़ा गया है।
एटीएस राजस्थान की सूचना पर एसटीएफ पश्चिमी यूपी, गौतमबुद्ध नगर टीम व एटीएस राजस्थान की टीम ने जनपद पुलिस गौतमबुद्ध नगर के साथ वैदिक कन्या इंटर कालेज, दादरी में कालेज प्रधानाचार्या रीना कसाना और केंद्र पर्यवेक्षक शेष नारायण दूबे के साथ जांच की।
इस दौरान अभ्यर्थी चंद्रमोहन सिंह पुत्र राजवीर सिंह (रोल नंबर 3982517) से पूछताछ की गई तो उसके स्थान पर विक्रम कुमार विश्नोई पुत्र मोहन लाल निवासी कस्बा व थाना सहचौर, जिला जालौर, राजस्थान परीक्षा दे रहा था। इसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने विक्रम और चंद्रमोहन के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
पुलिस कर रही पड़ताल
नोएडा के सूरजपुर कोतवाली के इंस्पेक्टर होम सिंह यादव के अनुसार, नेहरू स्मारक इंटर कालेज के प्रधानाचार्य को किसी ने पत्र भेजकर सूचना दी। इसके आधार पर पुलिस ने झांसी निवासी हेमंत कुमार को दबोच लिया जो मथुरा निवासी दानवीर के स्थान पर परीक्षा दे रहा था।
इसके पास से फर्जी आधार व आईकार्ड मिला। उसने आईकार्ड पर दानवीर के स्थान पर खुद की फोटो चस्पा कर रखी थी। दानवीर से एक लाख रुपये में डील की बात सामने आई है जिसकी जांच की जा रही है। पुलिस ने हेमंत के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
छह लाख रुपये में हुई थी डील
विक्रम कुमार विश्नोई ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वह जोधपुर में बीए फाइनल का छात्र है। जालौर राजस्थान निवासी अशोक कुमार विश्नोई से उसकी मुलाकात हुई थी जो फर्जी परीक्षा दिलवाने व पेपर आउट कराने वाले गिरोह का सरगना है। उसी के कहने पर वह दादरी में पेपर देने आया था।
अभ्यर्थी से कुल छह लाख रुपये की डील हुई थी, जिसमें उसे पेपर देने के लिए सवा लाख रुपये देना तय हुआ था। एडवांस में 5000 रुपये मिल चुके थे, बाकी परीक्षा के बाद मिलने थे।