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बाबा को ड्रामेबाज कहने के बाद बढ़ा विवाद
ब्यूरो/ अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Wed, 01 Apr 2015 07:28 PM IST
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जिला सतर्कता एवं निगरानी कमेटी की बैठक के बाद केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर द्वारा बाबा रामकेवल के आंदोलन को ड्रामा कहने पर विवाद हो गया है। रामकेवल ने उनके बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर की है।
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उन्होंने प्रेस को जारी एक बयान में कहा कि मंत्री को यह शोभा नहीं देता कि वह बाबा, महात्माआें के लिए ऐसे शब्दों का प्रयोग करें। बाबा ने कहा कि मंत्री पर सत्ता का नशा चढ़ चुका है इसीलिए उनको वाणी पर काबू नहीं है।
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जन समस्याओं को लेकर समय-समय पर अनशन, धरना प्रदर्शन करने वाले बाबा ने कहा कि जो संतों व महात्माओं को ड्रामेबाज कहने को उतारू हैं, वह खुद चुनाव जीतने के बाद अपनाें से दूर हो गए हैं।
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उन्हें याद नहीं है कि जिस जमीन पर सूरदास कॉलोनी में एक मंदिर का उद्घाटन किया था और अनुदान राशि भी देकर आए थे, वह भी नगर निगम की जमीन पर बना हुआ है।
ड्रामेबाज कहने से पहले नगर निगम की जितनी जमीन गंदे पानी में डूबी है उसे खाली करके महिला कॉलेज खुलवा दें ताकि बेटी बचाओ अभियान को बल मिल सके।
बाबा ने कहा कि एक जून 2014 से 9 जून 2014 तक जब पल्ला पुल को लेकर वह अनशन पर थे तब मंत्री ने नहीं बताया कि प्रोजेक्ट पास है।
15 फरवरी 2015 को शाम तीन बजे मंत्री के फरीदाबाद कार्यालय पर मिला तब भी उन्होंने कोई चर्चा नहीं की। नौ मार्च 2015 को उपायुक्त को ज्ञापन देकर 11 मार्च से धरना शुरू किया तब क्याें नहीं बताया कि प्रोजेक्ट पास है।
उन्होंने कहा कि मैं मंत्री से पूछना चाहता हूं कि पहले वह यह बता दें कि कौन-कौन से प्रोजेक्ट पास हैं। क्योंकि आगे जो भी आंदोलन किया जाए उसमें मंत्री के अभियान को कोई ठेस न पहुंचे और जनता का दुख भी दूर हो।
बाबा ने मंत्री से उन विधायकों पर भी ध्यान देने की बात कही जो किसी नाले पर व पहाड़ों पर कब्जा कर रहे हैं। इस बारे में कृष्णपाल गुर्जर से कई बार संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।