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एओएल मामले में अवमानना याचिका दाखिल, श्री श्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 26 Apr 2017 10:22 PM IST
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sri sri ravi shanakar
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यमुना डूब क्षेत्र में नुकसान को लेकर आर्ट ऑफ लिविंग (एओएल) मामले में याची मनोज मिश्रा की ओर से अवमानना याचिका नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में दाखिल की गई है। एओएल के आध्यात्मिक गुरु श्री श्री के बयान के खिलाफ यह याचिका एनजीटी में दाखिल की गई है। इस मामले पर आज एनजीटी में सुनवाई होगी।
जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ इस मामले पर सुनवाई कर रही है। पीठ ने बीती सुनवाई में श्री श्री के बयान पर कड़ी नाराजगी जाहिर की थी। वहीं उनके बयान को भी गैर जिम्मेदाराना बताया था। श्री श्री रविशंकर ने यमुना डूब क्षेत्र में नुकसान का जिम्मेदार केंद्र और एनजीटी को ही ठहराया था।
अवमानना याचिका में याची मनोज मिश्रा ने श्री श्री रविशंकर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। मामले में एक्सपर्ट कमेटी की फाइनल रिपोर्ट और 42 लाख जुर्माने की सिफारिश के बाद श्री श्री रविशंकर ने अपने सार्वजनिक बयान में कहा था कि यदि विश्व संस्कृति महोत्सव से इतना ही नुकसान था तो फिर इसे मंजूरी क्यों दी गई?
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इसके बाद बीती सुनवाई में याची मनोज मिश्रा की ओर से पेश वकील ने यह बयान एनजीटी को पढ़कर सुनाया था। जिसके बाद पीठ ने इसे गैर जिम्मेदाराना कहा था।
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जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ इस मामले पर सुनवाई कर रही है। पीठ ने बीती सुनवाई में श्री श्री के बयान पर कड़ी नाराजगी जाहिर की थी। वहीं उनके बयान को भी गैर जिम्मेदाराना बताया था। श्री श्री रविशंकर ने यमुना डूब क्षेत्र में नुकसान का जिम्मेदार केंद्र और एनजीटी को ही ठहराया था।
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अवमानना याचिका में याची मनोज मिश्रा ने श्री श्री रविशंकर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। मामले में एक्सपर्ट कमेटी की फाइनल रिपोर्ट और 42 लाख जुर्माने की सिफारिश के बाद श्री श्री रविशंकर ने अपने सार्वजनिक बयान में कहा था कि यदि विश्व संस्कृति महोत्सव से इतना ही नुकसान था तो फिर इसे मंजूरी क्यों दी गई?
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इसके बाद बीती सुनवाई में याची मनोज मिश्रा की ओर से पेश वकील ने यह बयान एनजीटी को पढ़कर सुनाया था। जिसके बाद पीठ ने इसे गैर जिम्मेदाराना कहा था।