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यमुना पर मेट्रो के पांचवें पुल का निर्माण शुरू, पिंक लाइन के यात्रियों को मिलेगा लाभ

Mon, 17 Aug 2020 06:05 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Mon, 17 Aug 2020 06:05 AM IST
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Construction of fifth bridge of Metro on Yamuna begins
पुल की परिकल्पना... - फोटो : अमर उजाला

दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) के फेस-4 में मजलिस पार्क-मौजपुर मेट्रो कॉरिडोर पर 560 मीटर लंबे पुल का निर्माण शुरू कर दिया गया है। सूरघाट और सोनिया विहार मेट्रो स्टेशन के बीच निर्माणाधीन, यमुना पर डीएमआरसी की ओर से तैयार किया जाने वाला पांचवां पुल होगा। इसके तैयार होने से पिंक लाइन के लाखों यात्रियों के लिए उत्तर पूर्वी दिल्ली तक का सफर बेहद आसान हो जाएगा।

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डीएमआरसी ने भू-तकनीकी जांच के बाद निर्माण की शुरुआत कर दी है। मॉनसून के दौरान इस पुल के निर्माण की शुरुआत से पहले सभी बुनियादी इंतजाम पुख्ता कर लिए गए हैं। यमुना पर निर्माणाधीन इस पुल की खास बात यह होगी कि यह वजीराबाद और सिग्नेचर ब्रिज के बीच होगा। रात के वक्त इस पुल से जब मेट्रो गुजरेगी तो इसकी खूबसूरती भी यात्रियों को अपनी ओर आकर्षित करेगी। 
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यमुना के ऊपर तैयार होने वाला मेट्रो यह पहला ऐसा मेट्रो पुल होगा, जिसके निर्माण में कैंटिलीवर निर्माण विधि का उपयोग किया जाएगा। निर्माण के लिए डिजाइन को अंतिम रूप देने के लिए बीआईएम तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। लॉकडाउन के दौरान डीएमआरसी के इंजीनियर ने पुल का एक थ्री डी मॉडल तैयृर किया ताकि इस परियोजना को जल्द से जल्द अमली जामा पहनाया जा सके। 
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सिग्नेचर ब्रिज से 213 मीटर ऊंचा होगा पुल
यमुना के ऊपर तैयार किया जाने वाला यह पुल ओल्ड वजीराबाद ब्रिज से करीब 385 मीटर नीचे जबकि सिग्नेचर ब्रिज से करीब 213 मीटर ऊपर होगा। इस पुल के निर्माण के लिए डीएमआरसी ने सभी संबंधित एजेंसियों से मंजूरी ले ली है ताकि निर्माण में देरी न हो।


समिति की सभी शर्तों का किया जाएगा
यमुना की प्रधान समिति की ओर से कुछ शर्तें भी रखी गई हैं ताकि निर्माण के दौरान पर्यावरण पर किसी कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। इसके तहत फ्लड प्लेन पर न्यूनतम प्रभाव, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की पुनर्स्थापना, निर्माण से पैदा होने वाले मलबे का निपटान सहित सभी पहलुओं पर एहतियात बरते जाएंगे। 

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