भाजपा-AAP की जंग का फायदा उठाएगी कांग्रेस
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दिल्ली में सरकार बनाने और चुनाव कराने के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी और आम आदमी पार्टी के बीच चल रही जंग का फायदा कांग्रेस उठाएगी। दोनों के बयान और सरकार बनाने-बिगाड़ने के खेल को जनता के बीच बताएगी।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि स्टिंग ऑपरेशन से साफ हुआ है कि आप विधायक बिक रहे हैं और भाजपा खरीद रही है। कांग्रेस कहीं पिक्चर में नहीं है। कांग्रेस विधायक न तो किसी पार्टी को समर्थन देंगे और न ही लेंगे।
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता मुकेश शर्मा का कहना है कि भाजपा सरकार बनाने की इच्छा जता रही है। विधायक इनकेपास पूरे नहीं हैं। ऐसे में खरीद-फरोख्त का रास्ता ही बचता है। जो सामने आ भी रहे हैं।
ऐसे में कांग्रेस किसी भी सूरत में भाजपा या आप का सरकार बनाने के लिए समर्थन नहीं करेगी। भाजपा सांप्रदायिक पार्टी है तो आप की कथनी-करनी एक बार समर्थन देकर समझ चुके हैं।
चुनाव है उपराज्यपाल के तरकश का अंतिम तीर
दिल्ली विधानसभा के पूर्व सचिव एसके शर्मा के अनुसार लोकतांत्रित प्रक्रिया में चुनी हुई सरकार जनता के लिए जरूरी होती है। अभी दिल्ली में राष्ट्रपति शासन है। विधानसभा निलंबित है। न्यायालय ने एक महीने का वक्त दिया है। उपराज्यपाल का धर्म बनता है कि सरकार बनाने की सभी तरह की कोशिश करें।
सुप्रीम कोर्ट के पूर्व के फैसले भी यही कहते हैं कि अंतिम विकल्प चुनाव होना चाहिए। फिर चुनाव में तंत्र थम जाता है। मोटी रकम खर्च होती है। राजनीतिक दलों के लिए कुछ भी असंभव नहीं है।
दिल्ली में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस दोनों ही चुनाव कराने की मांग कर रही है, जबकि भाजपा की ओर से अब तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है। हालांकि पहले भाजपा भी चुनाव कराने की बात कहती रही है लेकिन वर्तमान में सरकार बनाने की जुगत में जी जान से जुटी हुई है।