दो कद्दावर विकेट गिरने से कांग्रेस में बिखराव, AAP को मिलेंगे ये फायदे
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एमसीडी चुनाव से पांच दिन पहले कांग्रेस के दो कद्दावर नेताओं के विकेट गिरने से दिल्ली कांग्रेस में बिखराव की आशंका बढ़ गई है। टिकट बंटवारे के बाद खुलकर विरोध में आए अरविंद सिंह लवली के भाजपा में जाने से कांग्रेस को पूर्वी दिल्ली में बड़े नुकसान का डर है। वहीं इस माहौल में कांग्रेस में बिखराव के हालात व नाराजगी में आम आदमी पार्टी को राजनीतिक पंडित नफे में बता रहे हैं।
पूर्व मंत्री डॉ. एके वालिया, पूर्व सांसद जेपी अग्रवाल और संदीप दीक्षित की नाराजगी और अरविंद सिंह लवली के पार्टी छोड़ने का सबसे अधिक नुकसान पूर्वी दिल्ली में होने की आशंका है। फिर प्रदेश कांग्रेस में मतदाताओं से सीधे कनेक्ट और चमत्कार करने वाला कोई सिख चेहरा भी इतना बड़ा नहीं है।
अक्सर केंद्र सरकार और प्रदेश की आप सरकार के खिलाफ प्रदर्शन में लाठी और पानी की बौछार झेलने वाले युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमित मलिक के जाने से भी कांग्रेस का नुकसान होगा। मलिक 1999 में डूसू के उपाध्यक्ष, 2000 में डूसू अध्यक्ष, 2002-2006 तक एनएसयूआई अध्यक्ष और फिर युवक कांग्रेस के अध्यक्ष रहे हैं।
वरिष्ठ नेता अजय माकन से लगातार रहे हैं नाराज
यहां तक तक पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के अलावा दिल्ली के तमाम पूर्व मंत्री व दिग्गज नेताओं ने खुद को चुनाव प्रचार से अलग कर रखा है। कांग्रेस के घोषणा पत्र जारी करने वाले कार्यक्रम में भी पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा के मंगलवार को पहुंचने के अलावा कोई बड़ा नेता नहीं आया।
सूत्र बताते हैं कि विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष अमरीश गौतम ने पार्टी छोड़ने की शुरुआत नाराजगी के साथ की थी। जिसके बाद पूर्व उपमहापौर रजिया सुल्ताना, महिला कांग्रेस की एक जिलाध्यक्ष ने पार्टी छोड़ी।
अजय माकन को 2015 विधानसभा चुनाव के बीच में कैंपेन कमेटी की अगुवाई सौंपी गई और फिर 8 मार्च, 2015 को अरविंदर सिंह लवली की जगह प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया। तभी से लवली के साथ माकन के संबंध अच्छे नहीं चल रहे थे।
'अरविंदर सिंह लवली का पार्टी छोड़कर जाना गद्दारी है'
एमसीडी चुनाव में टिकट बंटवारे के बीच पूर्व सांसद संदीप दीक्षित, जेपी अग्रवाल, राज्यसभा सांसद परवेज हाशमी, पूर्व मंत्री अरविंदर सिंह लवली, हारून यूसुफ, मंगतराम सिंघल, डॉ. योगानंद शास्त्री के अलावा युवा कांग्रेस अध्यक्ष अमित मलिक, महिला कांग्रेस अध्यक्ष बरखा शुक्ला सिंह ने खुलकर विरोध दर्ज कराया।
इस बारे में दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता शीला दीक्षित ने कहा कि अरविंदर सिंह लवली का पार्टी छोड़कर जाना गद्दारी है। उन्हें पार्टी ने बहुत कुछ दिया। अगर वही पार्टी छोड़कर चले गए तो किस नेता पर भरोसा करें।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष तक पार्टी नेताओं की पहुंच नहीं है और वो वरिष्ठ नेताओं से सलाह तक नहीं लेते। प्रदेश अध्यक्ष पार्टी नेताओं तक पहुंच बनाने में नाकाम रहे हैं, इसलिए लोग पार्टी छोड़कर जा रहे हैं।
वहीं, अमिल मलिक, पूर्व प्रदेश युवक कांग्रेस अध्यक्ष व वर्तमान भाजपा नेता का कहना है कि अजय माकन ने टिकट बंटवारे में कमाई की। पार्टी में मान-सम्मान नहीं मिला। शिकायत राहुल गांधी से भी की लेकिन पानी के जहाज का कप्तान खुद जहाज को बचाना ही नहीं चाहता।