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दिल्ली विधानसभा चुनावः कांग्रेसियों ने किया रोड शो, जनसंपर्क अभियान चलाया

Sun, 19 Jan 2020 06:58 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sun, 19 Jan 2020 06:58 AM IST
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Congress road show in delhi
कांग्रेस का रोड शो - फोटो : अमर उजाला

दिल्ली चुनाव के लिए प्रदेश कांग्रेस की उम्मीदवारों की सूची जारी होने से पहले ही पार्टी नेता मैदान में उतर गए थे। कई विधानसभा सीटों पर कांग्रेस नेताओं ने बीते दो दिन से अपने-अपने स्तर पर प्रचार किया। पार्टी नेतृत्व की सलाह थी कि बगैर देरी किए वह अपने इलाके में प्रचार करें।

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शनिवार को पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली ने गांधी नगर में रोड शो किया। कार्यकारी अध्यक्ष हारुन यूसुफ भी बल्लीमारान विधानसभा क्षेत्र में उतरे। दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री एके वालिया कृष्णा नगर विधानसभा क्षेत्र में काम कर रहे हैं। विश्वास नगर से गुरुचरण सिंह राजू ने जनसंपर्क अभियान चलाया, जबकि पूर्व विधायक बिपिन शर्मा (रोहताश नगर) सोशल मीडिया पर प्रचार कर रहे हैं।
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युवा कांग्रेस और एनएसयूआई समेत पार्टी की दूसरी इकाइयों के पदाधिकारियों को भी इस बार मैदान में उतारा जा रहा है। जिन सीटों पर टिकट तय कर लिए गए हैं, उनके उम्मीदवारों को अनौपचारिक तौर से शीर्ष नेतृत्व ने तैयारी करने को कह दिया।
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कोई भी पूर्व सांसद मैदान में नहीं उतरा

दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के नेताओं ने पार्टी आलाकमान के निर्देशों की अनदेखी की है। हाईकमान के स्पष्ट निर्देश के बावजूद कोई भी पूर्व सांसद मैदान में नहीं उतरा है। वहीं, बीते लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी रहे चार नेताओं ने भी चुनाव लड़ने में दिलचस्पी नहीं दिखाई। 54 उम्मीदवारों की लिस्ट में एक पूर्व केंद्रीय मंत्री कृष्णा तीरथ व कांग्रेस की प्रदेश सरकार के तीन पूर्व मंत्री एके वालिया, अरविंदर सिंह लवली व हारुन यूसुफ ही मैदान में उतरे हैं।

दिल्ली चुनाव की घोषणा होने के बाद पार्टी आलाकमान ने निर्देश दिया था कि दिल्ली सरकार के सभी बड़े नेता विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। इसमें पूर्व सांसदों, लोकसभा चुनाव के उम्मीदवारों समेत दिल्ली सरकार में मंत्री रहे नेताओं तक के नाम शामिल थे। इस लिहाज से दिल्ली विधानसभा चुनाव में पूर्व सांसद जेपी अग्रवाल, अजय माकन, महाबल मिश्रा, रमेश कुमार, संदीप दीक्षित समेत दूसरे बड़े नेताओं को मैदान में उतरना था, लेकिन पहली लिस्ट में किसी का नाम नहीं है। पार्टी पदाधिकारियों का कहना है कि ज्यादातर नेता दिल्ली चुनाव लड़ने के इच्छुक नहीं थे।

दूसरी तरफ पूर्व केंद्रीय मंत्री कृष्णा तीरथ, दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री एके वालिया, अरविंदर सिंह लवली व हारुन यूसुफ, कार्यकारी अध्यक्ष राजेश लिलोठिया, मतीन अहमद, बीर सिंह धीगान और डॉ. हरीदत्त शर्मा जैसे दूसरे चेहरे मैदान में हैं।

कांग्रेस की ये स्थिति तब है जब दिल्ली में उसके पास एक भी विधानसभा सीट नहीं है। वर्ष 2015 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का खाता तक नहीं खुला था, जबकि आम आदमी पार्टी को 67 और भाजपा को 3 सीटों पर जीत मिली थी। इससे पहले वर्ष 2013 के चुनाव में कांग्रेस की 8 सीटें, आप की 28 और भाजपा की 31 सीटें थीं। वर्ष 2013 और 2015 में हुए दो चुनावों में कांग्रेस ही एकमात्र पार्टी है जिसको सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। 2015 के चुनाव में कांग्रेस को महज 9.7 फीसदी ही वोट मिले थे। इस कमजोर स्थिति के साथ दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के तमाम नेता भाजपा और आम आदमी पार्टी को कड़ी टक्कर देने का दावा कर रहे हैं।

दो दलबदलुओं पर कांग्रेस ने लगाई बाजी
कांग्रेस ने पहली लिस्ट में दो दलबदलुओं पर बाजी लगाई है। आम आदमी पार्टी विधायक आदर्श शास्त्री को कांग्रेस में शामिल होने से दो घंटे के भीतर टिकट मिल गया, जबकि पूर्व विधायक अलका लांबा पर कांग्रेस ने चांदनी चौक से भरोसा जताया है। माना जा रहा है कि बची सीटों में से कुछ दूसरे दलबदलू भी टिकट पा सकते हैं।

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