'भगवान बचाए ऐसे अच्छे दिनों से'
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राजधानी दिल्ली में बिजली पानी की समस्या से जूझ रही जनता की सुनने वाला कोई नहीं है। दिल्ली में किसी दल की सरकार न होने के चलते संकट और भी बढ़ गया है। सभी पार्टियां एक दूसरे पर ही आरोप प्रत्यारोप लगा रही हैं।
दिल्ली की जनता को बिजली-पानी मुहैया कराने और लगातार हो रही विजली कटौती के खिलाफ कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है।
उधर, आम आदमी पार्टी ने भी बिजली कटौती की जिम्मेदारी केंद्र सरकार व केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय पर डाली है। पार्टी ने कहा है कि भीषण गर्मी में कटौती की मार झेल रहे दिल्ली के लोगों को राहत मिलनी चाहिए।
सड़क पर उतरे कांग्रेस नेता
बिजली पानी की समस्या के खिलाफ सोमवार को दिल्ली कांग्रेस के नेताओं ने मुख्य सचिव दफ्तर का घेराव किया।
पार्टी नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य सचिव से मुलाकात की और राजधानी के लोगों को बिजली-पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की।
कांग्रेस नेताओं ने केंद्र की बीजेपी सरकार को भी इस मामले में घेरने की कोशिश की है। नेताओं ने कहा कि जब तक केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी तब तक दिल्ली में ऐसी समस्या नहीं हुई।
'अगर यही अच्छे दिन हैं तो...'
दिल्ली में बिजली-पानी की समस्या के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली ने बेहद चौंकाने वाला बयान दिया है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि राजधानी में बिजली-पानी का अकाल पड़ा हुआ है। अगर यही अच्छे दिन हैं तो भगवान बचाए ऐसे अच्छे दिनों से।
लवली ने यह भी कहा कि कांग्रेस दिल्ली की जनता के साथ हो रहे इस अन्याय को कभी नहीं सहेगी। जब तक जनता को मूलभूत समस्याएं नहीं मिलतीं, कांग्रेस का प्रदर्शन जारी रहेगा।
'इस सकंट के जिम्मेदार हैं बीजेपी और केजरीवाल'
उधर, कांग्रेस नेता मतीन अहमद ने केंद्र की बीजेपी सरकार और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल को इस हालात के लिए दोषी ठहराया है।
अहमद ने कहा कि दिल्ली की जनता प्यास और गर्मी से तड़प रही है लेकिन केंद्र सरकार कुछ नहीं कर रही। उन्होंने यह भी कहा कि यह सब कुछ अरविंद केजरीवाल के सरकार छोड़कर भागने का नतीजा है।