'मोदी ने खाया और अडानी को भी खिलाया'
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पिछले हफ्ते दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में हुई भाजपा राष्ट्रीय कार्यपरिषद की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान, 'न खाएंगे न खाने देंगे' पर सियासी गर्मी बढ़ने लगी है।
कांग्रेस महासचिव शकील अहमद ने इस बात पर चुटकी लेते हुए कहा कि मोदी की पोल खुल चुकी है। उन्होंने खाया भी और अडानी को खिलाया भी।
PM Modi claims "Na Khaengey,Na Khaane Dengey",but CAG report laid in Gujrat Assembly shows "Khaya Bhi Hai aur Adani ko Khilaya Bhi Hai".
— Shakeel Ahmad (@Ahmad_Shakeel) August 16, 2014
अहमद ने अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा कि कैग रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हो चुका है कि मोदी ने कितना खाया और कितना खिलाया।
बता दें कि शकील अहमद ने स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण के बाद भी उनकी आलोचना की थी और कहा था कि मोदी के भाषण में पुरानी बातों को ही दोहराया गया है।
'मोदी का 'जीरो इफेक्ट' भाषण'
कांग्रेस महासचिव ने लाल किले से दिए गए प्रधानमंत्री के भाषण को 'जीरो इफेक्ट' वाला करार दिया। अहमद ने कहा कि उन्होंने कुछ नया कहने के बजाय पुरानी बातें गिनाई हैं।
अहमद ने गुजरात विधानसभा में पेश की गई कैग रिपोर्ट की चर्चा करते हुए एक बार फिर मोदी और अडानी के रिश्तों को उछालने की कोशिश की है।
दरअसल, गुजरात में कैग कि ऑडिट रिपोर्ट से यह खुलासा होने का दावा किया जा रहा कि मोदी के मुख्यमंत्री रहने के दौरान वहां बिजली की खरीद समझौतों में बड़ा हेरफेर किया गया और वह अडानी ग्रुप को फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से ही किया गया है।
इस मुद्दे पर कांग्रेस नेता शंकर सिंह वाघेला ने भी मोदी को घेरने की कोशिश की थी।