फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   congress can come back with good votes in delhi

AAP और भाजपा में क्यों है कांग्रेस का 'खौफ'

Wed, 05 Nov 2014 08:43 AM IST
Updated Wed, 05 Nov 2014 08:43 AM IST
विज्ञापन
congress can come back with good votes in delhi

दिल्ली में विधानसभा के मध्यावधि चुनाव आते ही राजनीतिक दलों के बीच हाशिये पर पहुंच चुकी कांग्रेस चर्चा में बनी है। कैल्कुलेशन में जुटे कुछ राजनैतिक पंडितों का मानना है कि अभी तक दिल्ली में सबसे खराब परफॉरमेंस देने वाली कांग्रेस इससे नीचे नहीं जा सकती।

विज्ञापन


कुछ का मानना है कि भले ही विधानसभा में पहले से ज्यादा सीटें कांग्रेस को मिल जाएं लेकिन उसका वोट प्रतिशत नहीं सुधरेगा। ऐसी स्थिति में कांग्रेस की सीटें बढ़ने का नुकसान भाजपा व ‘आप’ को होगा।
विज्ञापन


विधानसभा चुनाव 2013 में कांग्रेस को मात्र आठ सीटें ही मिली थीं लेकिन उसका मत प्रतिशत 24.67 रहा जबकि आम आदमी पार्टी 29.64 फीसदी मतों के साथ 28 सीटें ले गई। इसमें कांग्रेस के 15 उम्मीदवार दूसरे स्थान पर रहे। हालांकि पहली बार मैदान में उतरी आम आदमी पार्टी ने अप्रत्याशित सफलता पाई थी जबकि भाजपा सबसे बड़े दल के रूप में उभरी।

विज्ञापन
विज्ञापन

कांग्रेस को लेकर टेंशन में भाजपा-AAP

congress can come back with good votes in delhi

जानकारों का मानना है कि मौजूदा स्थिति में मुख्य मुकाबले में तो भाजपा व ‘आप’ ही होगी लेकिन कांग्रेस की स्थिति में सुधार की काफी गुंजाइश बनी है। ऐसे में कांग्रेस अगर आठ से आगे बढ़ती है तो भाजपा या ‘आप’ के नंबर कम होंगे।

ज्ञात हो कि वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव में कोई भी दल बहुमत साबित नहीं कर सका था और तमाम उठापठक के बीच आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस के समर्थन से सरकार बनाई थी।

कांग्रेस इस चुनाव में किसको मैदान में उतारेगी और उसकी स्थिति क्या रहेगी? इस पर भाजपा व ‘आप’ कार्यकर्ताओं के बीच आज चर्चा होती दिखी। दूसरी ओर कांग्रेस भी इस चुनाव में अपनी सीटें बढ़ाने के लिए युद्ध स्तर पर जुटी है।

इन मुद्दों पर चुनाव लड़ेगी कांग्रेस

congress can come back with good votes in delhi

केंद्र में भाजपा की सरकार बनने के बाद केरल राज्यपाल पद से इस्तीफा देकर वापस लौट चुकीं दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित का पार्टी इस चुनाव में भी इस्तेमाल कर सकती है।

इसी तरह से विभिन्न मुद्दों पर कांग्रेस प्रचार अभियान शुरू करने की तैयारी कर रही है। समर्थन से चल रही ‘आप’ सरकार के 49 दिनों में सरकार छोड़ देने व दिल्ली में हुए दंगे तथा महंगाई को वह मुख्य मुद्दा बनाने जा रही है।

चुनाव विश्लेषक अभय दुबे का कहना है कि कांग्रेस का मत प्रतिशत पिछले विधानसभा चुनाव के मुकाबले कम होने का अनुमान है। भाजपा व ‘आप’ के बीच मुख्य मुकाबले में उसकी सीटों में इजाफा तो हो सकता है लेकिन मत प्रतिशत कम होगा।

दूसरी ओर भाजपा का मुकाबला किससे होगा के सवाल पर प्रदेश भाजपा प्रभारी प्रभात झा का कहना है कि सभी विपक्षी दलों से अकेली भाजपा का मुकाबला होने वाला है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed