शीला के मंत्रियों की अगुवाई में चुनाव लड़ेगी पार्टी
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शीला सरकार के मंत्रियों की अगुवाई में दिल्ली में कांग्रेस चुनाव लड़ेगी। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने प्रदेश चुनाव समिति, घोषणापत्र समिति और प्रचार समिति के अध्यक्ष की जिम्मेदारी क्रमश: प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मंत्री अरविंदर सिंह, डॉ. अशोक कुमार वालिया और हारून यूसुफ को सौंपी है। हारून यूसुफ को तीनों समिति में जगह दी गई है।
पूर्व मंत्री राजकुमार चौहान प्रचार समिति, डॉ. किरण वालिया, डॉ. नरेंद्र नाथ और रमाकांत गोस्वामी को घोषणापत्र समिति में बतौर सदस्य जगह दी गई है। तीनों समिति किसी भी चुनाव की मुख्य कड़ी के तौर पर काम करती हैं।
चुनाव समिति टिकटों के चयन में सबसे बड़ी भूमिका निभाती है, जिसकी जिम्मेदारी अरविंदर सिंह पर है। खास बात है कि पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित, एआईसीसी के महासचिव जनार्दन द्विवेदी, आरके धवन, डॉ. करण सिंह, जेपी अग्रवाल और अजय माकन जैसे दिग्गज अरविंदर सिंह की अध्यक्षता में बैठकर टिकटों का फैसला करेंगे।
घोषणा पत्र की तैयारी में भाजपा
टिकटों का फैसला करने वाली समिति में सुभाष चोपड़ा, चौधरी प्रेम सिंह, मनीष चतरथ, नसीब सिंह, मुकेश शर्मा, जयकिशन, हसन अहमद, देवेंद्र यादव, सुरेंद्र कुमार, कंवर करण सिंह, फरहाद सूरी, महमूद जिया और अगुवा संगठनों के अध्यक्ष खुद टिकटार्थी हैं।प्रदेश कांग्रेस से दूरी बनाकर चल रहे पूर्व मंत्री राजकुमार चौहान को प्रचार समिति में रखा गया है, जिसमें कई ऐसे नेता शामिल किए गए हैं जो बहुत जूनियर हैं।
इतना ही नहीं, एक दर्जन ऐसे नेताओं को जगह मिली है, जो अपना चुनाव भी हार चुके हैं। वहीं घोषणापत्र समिति में प्रदेश से दूरी रखने वाले पांच बार के पूर्व विधायक चौधरी मतीन अहमद को रखा गया है। इस समिति में भी सभी पूर्व मंत्री को विशेष आमंत्रित सदस्य बनाया गया है।
चुनावी मुहिम में जुटी भाजपा घोषणापत्र बनाने में जुट गई है। इसे लेकर सोमवार को एक बैठक भी हुई। जहां ई-मेल से इलाके के लोगों की समस्या मांगने पर विचार किया गया। यह भी चर्चा हुई कि एक लेटर बॉक्स हर विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में रखकर आम लोगों की शिकायत और सुझाव मांगे जाएं। बैठक में यह तय किया गया कि घोषणा पत्र में प्रधानमंत्री के विकास पर ताना-बाना बुना जाए। इसी तरह आम बजट से दिल्ली की जनता को होने वाले राहत व विकास की नीति को शामिल किया जाए। बैठक में दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग की जाए या नहीं इस पर भी चर्चा हुई।
कांग्रेस चुनावी समितियां घोषित करने में आगे
दिल्ली विधानसभा चुनाव का माहौल बनाने में पिछड़ रही कांग्रेस ने चुनावी समितियां घोषित करने में भाजपा से बाजी मार ली है। सोमवार को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव जनार्दन द्विवेदी ने सोनिया गांधी की स्वीकृति से दिल्ली विस को लेकर चुनाव समिति, प्रचार समिति, घोषणापत्र समिति और अनुशासनात्मक समिति घोषित कर दी।
ये चारों समिति किसी भी राजनीतिक दल में चुनावी नैया पार लगाने में महत्वपूर्ण समिति मानी जाती हैं। प्रदेश अध्यक्ष अरविंदर सिंह की अध्यक्षता में प्रदेश चुनाव समिति घोषित की गई है। इसमें प्रदेश के पूर्व अध्यक्ष, राज्यसभा के तीनों सांसद, पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित, एआईसीसी सचिव नसीब सिंह और मनीष चतरथ, दक्षिण एमसीडी में विपक्ष के नेता फरहाद सूरी, अगुवा संगठनों के प्रदेश अध्यक्ष समेत 27 सदस्य शामिल किए गए हैं। प्रचार समिति की अध्यक्षता हारून यूसुफ करेंगे।
जिसमें पूर्व मंत्री राजकुमार चौहान के अलावा आधा दर्जन पूर्व विधायक, युवक कांग्रेस और महिला कांग्रेस अध्यक्ष, पूर्व प्रवक्ता आलोक शर्मा, हरिकिशन जिंदल, सत्येंद्र शर्मा समेत 23 अन्य सदस्य रखे गए हैं। दिल्ली में कांग्रेस कौन सी घोषणाएं चुनाव में करेगी इसकी जिम्मेदारी डॉक्टर अशोक कुमार वालिया को सौंपी गई है। इसमें पूर्व केन्द्रीय मंत्री कृष्णा तीरथ, पूर्व मंत्री हारून यूसुफ के अलावा चौधरी मतीन अहमद व मुकेश शर्मा समेत आधा दर्जन पूर्व विधायक, तीनाें नगर िनगम के नेता प्रतिपक्ष, वरिष्ठ नेता चतर सिंह, चारों अगुवा संगठन के अध्यक्ष समेत 24 सदस्य रखे गए हैं।
इसके अलावा भारत सरकार व दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्रियों को भी विशेष आमंत्रित सदस्यों की श्रेणी में जगह दी गई है। कांग्रेस ने अनुशासनात्मक समिति का अध्यक्ष अभिजीत सिंह गुलाटी को बनाया है जिसमें कुल छह सदस्य हैं। अभिजीत सिंह गुलाटी, जगजीवन शर्मा, रणजीत यादव और ब्रिजमोहन शर्मा एमसीडी का चुनाव हार चुके हैं जबकि सुंदरलाल घावरी को टिकट ही नहीं मिला। वहीं सदस्य परवेज मियां अभी दिल्ली हज समिति के अध्यक्ष हैं। ऐसे में यह माना जा रहा है कि अनुशासनात्मक समिति का वजह काफी हल्का रखा गया है।
नैया पार कराने की तैयारी में जुटे
दिल्ली में कांग्रेस की नैया कैसे पार होगी? प्रदेश की अगुवाई करने वाले सभी चुनाव समर में उतरने को बेताब हैं। प्रदेश अध्यक्ष अरविंदर सिंह गांधी नगर, पूर्व विधायक दल के नेता हारून यूसुफ बल्लीमारान और मुख्य प्रवक्ता उत्तम नगर से चुनाव लड़ेंगे। बाकी कार्यकारिणी भंग है। जिन्हें घोषणापत्र बनाना है, वह लक्ष्मी नगर से चुनाव लड़ेंगे। ऐसे में भंग कार्यकारिणी के बीच दिल्ली में चुनावी गर्मी पैदा करना कांग्रेस के लिए आसान नहीं दिख रहा है।
रविवार को मुख्य प्रवक्ता मुकेश शर्मा केयहां पूर्व सांसद सज्जन कुमार की जनसभा थी तो सोमवार को प्रदेश अध्यक्ष अरविंदर सिंह ने गांधी नगर में सभा रखी थी। प्रदेश अध्यक्ष ने अपनी विस के अजीत नगर में एक ओवर ब्रिज का शुभारंभ किया। वहां अरविंदर सिंह ने कहा कि कांग्रेस का इतिहास विकास का रहा है।
बल्ली की भाजपा में वापसी संभव
दिल्ली के हरिनगर के पूर्व विधायक हरचरण सिंह बल्ली की वापसी फिर से भाजपा में हो सकती है। जल्द ही भाजपा इसका ऐलान करेगी। पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा ने बल्ली का टिकट काट दिया था और यहां से शिरोमणि अकाली दल बादल गुट को गठबंधन के तहत सीट दे दी गई थी। इसके कारण बल्ली कांग्रेस में शामिल हो गए थे। हालांकि कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़े बल्ली हार गए थे।