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ग्रेनो वेस्ट का हाल: दुआ करो यहां कोई बीमार न हो

Tue, 07 Jun 2016 01:48 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
ब्यूरो/अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा Updated Tue, 07 Jun 2016 01:48 AM IST
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Condition of West Greno: not a single hospital here

बिजली, पानी, सड़क के बाद ग्रेनो वेस्ट के लोग स्वास्थ्य सुविधा से भी वंचित है। कई किलोमीटर तक न तो कोई क्लीनिक है और न ही कोई अस्पताल। लोगों को इलाज के लिए नोएडा आना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसी हाईटेक सिटी किस काम की, जहां बुनियादी सुविधाएं तक न हों। इसका जिम्मेदार बायर्स को नहीं बल्कि बिल्डरों को दिया जाए तो अच्छा है। दरअसल, बिल्डरों ने ग्रेनो वेस्ट को इंटीग्रेटेड सिटी का दर्जा दिया था लेकिन इंटीग्रेटेड के नाम पर यहां सिर्फ प्लॉट व फ्लैट ही हैं। जिन्हें पजेशन मिल भी गया वह बुनियादी सुविधाओं के लिए कई किलोमीटर का फासला तय कर रहे हैं।

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ग्रेनो वेस्ट में अब तक करीब 50 हजार की आबादी है। यहां करीब डेढ़ लाख फ्लैट का निर्माण हो चुका है। 2016 के अंत तक इनका पजेशन दे दिया जाएगा। ऐसे में यहां की आबादी करीब डेढ़ लाख होगी। इसी तरह 2019 तक यहां करीब पांच लाख फ्लैट बनकर तैयार होंगे। मसलन यहां की आबादी करीब पांच लाख होगी। परिवार का आंकड़ा करीब 16 लाख का होगा, जिनके लिए यहां अब तक कोई अस्पताल नहीं है। इन सभी लोगों को छोटी सी बीमारी के लिए नोएडा के अस्पताल आना पड़ रहा है।
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‘बिल्डर्स ने दिया धोखा’
बिल्डर्स ने ब्रोशर में फ्लैटों को इस कंडीशन में बेचा कि ग्रेनो वेस्ट एक इंटीग्रेटेड सिटी होगी। जहां अस्पताल से लेकर सभी सुविधाएं होंगी। बड़े अस्पताल महज 10 से 15 मिनट की दूरी पर होंगे, लेकिन सभी वादे झूठे साबित हुए। लोगों को इलाज के लिए नोएडा स्थित अस्पतालों तक आना पड़ रहा है जिसकी दूरी ग्रेनो वेस्ट से करीब 8 से 10 किलोमीटर है।
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झोलाछाप डाक्टरों का बोलबाला
फ्लैट में रहने वाले लोग नोएडा आकर इलाज करा रहे हैं, लेकिन ग्रामीण अब भी झोलाछाप डाक्टरों पर ही निर्भर हैं। उनका कहना है कि  बड़े अस्पताल में इलाज के लिए उनके पास रुपये नहीं है। यहां आसपास सरकारी तो क्या निजी अस्पताल भी नहीं है। आखिर जाएं तो कहां जाएं।

अस्पताल तो दूर आसपास कोई क्लीनिक भी नहीं है। देर रात किसी की अचानक तबियत खराब होती है तो कई किलोमीटर का सफर करना पड़ जाता है। इस बीच कोई बड़ी घटना भी हो सकती है।
- पवन सिंह
अस्पताल न होने की वजह से बीमारी के चलते रोज ग्रेनो वेस्ट से नोएडा चेकअप कराने के लिए जाना पड़ता है। ऐसे में ऑफिस के लिए भी देरी हो जाती है। इस तरफ किसी का ध्यान नहीं है।
- सूरज पंत
अस्पताल बनवाने को लेकर कई बार शिकायत की लेकिन किसी को कोई फर्क नहीं पड़ता। तबीयत खराब होने पर यदि बीच रास्ते में ही किसी की मौत हो जाएगी तो इसका जिम्मेदार कौन होगा।

- रश्मि अरोड़ा
शुरुआती दौर में ग्रेनो वेस्ट में कैलाश अस्पताल बनवाने का प्रस्ताव पारित हुआ था, लेकिन अब तक अस्पताल के लिए जमीन तो निश्चित हुई नहीं तो अस्पताल क्या बनेगा।
- इंद्रीश गुप्ता, नेफोवा फाउंडर

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