अब ACB चीफ के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) के नए चीफ पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री से शिकायत की गई है। केजरीवाल ने शिकायत सतर्कता विभाग को भेज दी है, जिसे अब एसीबी को भेजने की तैयारी भी की जा रही है। मुमकिन है कि मीणा के खिलाफ उन्हीं का विभाग जांच करे।
रिटायर इंस्पेक्टर जवाहर लाल ने अपनी शिकायत में लिखा है कि जब मीणा 2005 में पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज के प्रिंसिपल थे तब 20 लाख रुपये के पर्दों की खरीद का घोटाला किया था, जिन कंपनियों के बिल लगाए गए थे, वह कंपनी वास्तव में थी ही नहीं।
जरूरत भी गलत तरीके से पैदा की गई। खरीद के लिए कमेटी बनाने में भी नियमों का पालन नहीं किया। घटिया पर्दे ऊंची कीमत पर खरीदे।
पॉल ने कार्रवाई की सिफारिश की थी
मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों का कहना है कि उस समय की दिल्ली सरकार व उच्च स्तर के अधिकारियों की मिलीभगत के कारण कार्रवाई नहीं की गई। अब मामला सतर्कता विभाग को भेज दिया गया है।
हालांकि इसे मुख्यमंत्री के सचिव राजेंद्र कुमार के खिलाफ आशीष जोशी की शिकायत के तोड़ के तौर पर भी देखा जा रहा है। वहीं दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के अनुसार, मीणा निर्दोष साबित हुए थे।
पुलिस आयुक्त केके पॉल ने स्पेशल सीपी ट्रेनिंग से रैकेट में शामिल सभी पुलिस अधिकारियों व कर्मियों के खिलाफ जांच कराने के निर्देश भी दिए थे, लेकिन कार्रवाई नहीं हो पाई।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि 12 सितंबर, 2008 में विजिलेंस के पुलिस उपायुक्त ने दिल्ली सरकार के उप गृहसचिव को पत्र लिखकर अनुशासनात्मक कार्रवाई की बात कही थी, लेकिन कार्रवाई के बजाय 26 नवंबर, 2010 में मीणा को प्रमोशन दे दिया गया। मीणा ने जांच को मैनेज कर लिया।