मोदी को मनोरोगी कहने पर केजरीवाल के खिलाफ कोर्ट में केस
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प्रधानमंत्री को कायर और मनोरोगी कहने से देश में बवाल मच सकता था। यह दलील मुख्यमंत्री केजरीवाल के खिलाफ कोर्ट में शिकायत दायर करने वाले वकील ने शुक्रवार को मामले की सुनवाई के दौरान दी।
अदालत ने शिकायतकर्ता से पूछा है कि इस मामले में शिकायत दायर करने का उसे क्या अधिकार है। कोर्ट ने शिकायत पर सुनवाई के लिए 26 फरवरी की तारीख तय की है।
तीस हजारी अदालत के महानगर दंडाधिकारी डॉ. जगमिंदर सिंह के समक्ष शिकायत पर बहस करते हुये शिकायतकर्ता प्रदीप द्विवेदी के अधिवक्ता अनुपम द्विवेदी ने कहा कि एक शख्स ने निजी हितों को राष्ट्र हितों से ऊपर रखा हुआ है, यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
यह बयान प्रधानमंत्री के खिलाफ दिया गया है
केजरीवाल के बयान से देश में असंतोष व बवाल फैल सकता था। मोदी व केजरीवाल की दुश्मनी आम चुनाव के समय से चल रही है। पेश मामले में शिकायत दायर करने के अधिकार के मुद्दे पर शिकायतकर्ता ने कहा कि भारत का नागरिक होने के नाते केजरीवाल के बयान से उसे कष्ट हुआ है।
यह बयान प्रधानमंत्री के खिलाफ दिया गया है। देश का नागरिक होने के नाते उसे शिकायत करने का अधिकार है। शिकायत में कहा गया है कि सीबीआई ने 15 दिसंबर 2015 को दिल्ली सचिवालय स्थित प्रधान सचिव राजेंद्र कुमार के कार्यालय में छापेमारी की थी।
आरोप है कि इस कार्रवाई के बाद केजरीवाल ने अपने निजी हितों व राजनीतिक दुश्मनी के चलते अपने ट्वीटर अकाउंट पर प्रधानमंत्री के लिए बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी की।