JNU: मनुस्मृति जलाने पर विवाद बढ़ा, कन्हैया और खालिद के खिलाफ शिकायत
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जेएनयू परिसर में देशविरोधी नारेबाजी और मनु स्मृति को जलाये जाने पर विवाद खड़ा हो गया है। मनुवाद से आजादी, ब्राह्मणवाद से आजादी संबंधी नारों को लेकर जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार, उमर खालिद और अन्य छात्रों के खिलाफ शिकायत दायर कर मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई है।
पटियाला हाउस अदालत के महानगर दंडाधिकारी लवलीन ने अजय गौतम की शिकायत पर पुलिस को कार्रवाई रिपोर्ट (एटीआर) पेश करने का निर्देश दिया है। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए एक जून की तारीख तय की है।
कोर्ट में शिकायत दायर करने वाले शख्स अजय गौतम का कहना है कि वह ब्राह्मण है और कन्हैया कुमार व उसके साथियों ने ब्राह्मणवाद से आजादी का नारा देकर उसकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई है।
जेएनयू परिसर में नौ मार्च 2016 को मनुस्मृति जलाई गई
शिकायतकर्ता का आरोप है कि जेएनयू परिसर में नौ मार्च 2016 को मनुस्मृति जलाई गई। यह हिंदुओं का प्राचीन ग्रंथ है। इसकी रचना ब्रह्मा के पुत्र मनु ने की थी। इसका जिक्र वाल्मीकि रामायण, महाभारत व गीता में मिलता है।
इस ग्रंथ को जलाया जाना ग्रंथ और हिंदू धर्म का अपमान है। बता दें कि दलित और महिला विरोधी होने का आरोप लगाते हुए छात्रों ने मनु स्मृति की प्रतियां जलाई थीं। पेश मामले में शिकायतकर्ता की दलील है कि देश का संविधान हर नागरिक को अपना धर्म मानने की अनुमति देता है।
आरोपियों ने धर्म के खिलाफ नारेबाजी करके उसके संवैधानिक अधिकार को चुनौती दी है। आरोपियों ने सेना व अर्ध सैनिक बलों के खिलाफ भी बेहद आपत्तिजनक बयान दिया है। इन सभी तथ्यों की जानकारी देते हुए पुलिस को शिकायत दी गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। लिहाजा पुलिस को केस दर्ज करने का निर्देश दिया जाए।