{"_id":"58ac5cc84f1c1b1259b231d4","slug":"complainer-requesting-to-change-investigating-team-leaking-report","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"वेबवर्क फर्जीवाड़े की जांच करने वाले ही लीक कर रहे हैं गोपनीय रिपोर्ट ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वेबवर्क फर्जीवाड़े की जांच करने वाले ही लीक कर रहे हैं गोपनीय रिपोर्ट
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
Updated Wed, 22 Feb 2017 10:27 AM IST
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वेबवर्क कंपनी के फर्जीवाड़े के खिलाफ नोएडा पुलिस से शिकायत करने वाले गाजियाबाद केअमित किशोर जैन ने शासन स्तर के अधिकारियों और मुख्यमंत्री व राज्यपाल आदि को पत्र लिख जांच एजेंसी बदलने की गुहार लगाई है।
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अमित किशोर ने जांच नोएडा पुलिस से बदलकर एसटीएफ, एसआईटी या सीबीआई से कराने की मांग की है। अमित किशोर जैन ने बताया कि उन्होंने मामले की जांच एजेंसी बदलने के लिए मुख्यमंत्री, राज्यपाल समेत, मुख्य सचिव, केन्द्रीय गृह मंत्रालय, यूपी पुलिस केडीजीपी सहित अन्य अधिकारियों को पत्र लिखा है।
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इससे पहले भी अमित किशोर जांच एजेंसी बदलने को लेकर अधिकारियों से गुहार लगा चुके हैं। नोएडा पुलिस भी मामले की जांच एसटीएफ या एसआईटी को ट्रांसफर करने के लिए आला अधिकारियों को पत्र लिख चुकी है।
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नोएडा पुलिस पर शुरू से लापरवाही का आरोप
file photo
- फोटो : अमर उजाला
अमित किशोर केअनुसार नोएडा पुलिस वेबवर्क कंपनी के खिलाफ कार्रवाई करने में शुरू से लापरवाही बरत रही है। वह पहले चार फरवरी को थाना सेक्टर-20 पुुलिस को शिकायत देने गए थे।
पुलिस कमियों ने शिकायत दर्ज करने से इंकार कर, उन्हें भगा दिया था। काफी दबाव केबाद पुलिस ने 12 फरवरी को उनकी रिपोर्ट दर्ज की। इसके चार दिन बाद पुलिस ने आरोपियों को उस वक्त गिरफ्तार किया, जब वह खुद एसएसपी से मिलने गए थे।
इससे पहले पुलिस ये कहकर गिरफ्तार नहीं कर रही थी कि आरोपियों के खिलाफ कोई पुख्ता सुबुत नहीं हैं। अमित किशोर ने अधिकारियों को लिखे पत्र में मामले के जांच अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अमित किशोर केअनुसार उन्होंने पुलिस को शिकायत केसाथ कुछ महत्वपूर्ण सूचनाएं भी दी थीं।
पुलिस कमियों ने शिकायत दर्ज करने से इंकार कर, उन्हें भगा दिया था। काफी दबाव केबाद पुलिस ने 12 फरवरी को उनकी रिपोर्ट दर्ज की। इसके चार दिन बाद पुलिस ने आरोपियों को उस वक्त गिरफ्तार किया, जब वह खुद एसएसपी से मिलने गए थे।
इससे पहले पुलिस ये कहकर गिरफ्तार नहीं कर रही थी कि आरोपियों के खिलाफ कोई पुख्ता सुबुत नहीं हैं। अमित किशोर ने अधिकारियों को लिखे पत्र में मामले के जांच अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अमित किशोर केअनुसार उन्होंने पुलिस को शिकायत केसाथ कुछ महत्वपूर्ण सूचनाएं भी दी थीं।
सुरक्षा की भी मांग की
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इसमें वेबवर्क कंपनी के 50 बड़े निवेशकों की सूची भी शामिल है। अमित का आरोप है कि मामले में थाना पुलिस ने उनकी शिकायत से उस गोपनीय सूची को एक आरोपी को लीक कर दिया है। उस संभावित आरोपी ने खुद थाने जाकर पुलिस से सूची ली है। इस संबंध में अमित किशोर उच्चाधिकारियों से भी शिकायत कर चुके हैं।
शासन स्तर केअधिकारियों को लिखे पत्र में अमित किशोर जैन ने खुद की और परिवार की जान को आरोपियों से खतरा बताया है। अमित किशोर केअनुसार कंपनी के खिलाफ शिकायत करने को लेकर वह पहले से ही अनुराग गर्ग और संदेश वर्मा के निशाने पर हैं।
अब उनकी शिकायत से संभावित आरोपियों की सूची बाहर आने से वह कई और लोगों के निशाने पर आ गए हैं। इसमें कुछ आपराधिक प्रवृति केतो कुछ ऊंची पहुंच और पैसे वालों केनाम शामिल हैं, जिनके लिए कुछ भी असंभव नहीं है। इसके बावजूद नोएडा पुलिस ने अब तक उन्हें सुरक्षा उपलब्ध कराने को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की है। अमित ने अब शासन स्तर के अधिकारियों से सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।
शासन स्तर केअधिकारियों को लिखे पत्र में अमित किशोर जैन ने खुद की और परिवार की जान को आरोपियों से खतरा बताया है। अमित किशोर केअनुसार कंपनी के खिलाफ शिकायत करने को लेकर वह पहले से ही अनुराग गर्ग और संदेश वर्मा के निशाने पर हैं।
अब उनकी शिकायत से संभावित आरोपियों की सूची बाहर आने से वह कई और लोगों के निशाने पर आ गए हैं। इसमें कुछ आपराधिक प्रवृति केतो कुछ ऊंची पहुंच और पैसे वालों केनाम शामिल हैं, जिनके लिए कुछ भी असंभव नहीं है। इसके बावजूद नोएडा पुलिस ने अब तक उन्हें सुरक्षा उपलब्ध कराने को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की है। अमित ने अब शासन स्तर के अधिकारियों से सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।