फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   compare Kejriwal with Mahatma Gandhi and Lal Bahadur Shastri

महात्मा गांधी और लालबहादुर शास्त्री से केजरीवाल की तुलना

Mon, 18 Jan 2016 01:11 AM IST
Updated Mon, 18 Jan 2016 01:11 AM IST
विज्ञापन
compare Kejriwal with Mahatma Gandhi and Lal Bahadur Shastri

राजधानी में सम-विषम फॉमूले की सफलता पर सोमवार को छत्रसाल स्टेडियम में शुक्रिया दिल्ली कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की तुलना राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री से की गई।

विज्ञापन


पहले पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा और बाद में दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने कहा कि लाल बहादुर शास्त्री ने सोमवार का व्रत रखने को कहा तो जनता ने व्रत रखा और अब अरविंद केजरीवाल ने सम-विषम फार्मूले का आह्वान किया तो लोगों ने उसे माना।
विज्ञापन


कार्यक्रम में ज्यादातर मंत्रियों ने भारत माता की जय से भाषण शुरू किया। समाज कल्याण मंत्री संदीप कुमार ने एक कहानी से मुख्यमंत्री और पार्टी के अन्य नेताओं को एक नस्ल से जोड़ा। समाज कल्याण ने जवान घोड़ी और एक बूढ़ी घोड़ी की कहानी को उसकी नस्ल से जोड़कर सुनाया। उन्होंने कहा कि अच्छी नस्ल की बूढ़ी घोड़ी भी मंजिल तक पहुंचाती है। उसी तरह हमें एक नस्ल के रूप में स्थापित होना है।

विज्ञापन
विज्ञापन

जब कोई सच्चा नेता कुछ कहता है तो लोग उसे मानते हैं

compare Kejriwal with Mahatma Gandhi and Lal Bahadur Shastri

पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि लोग डंडे से बात नहीं मानते, जब कोई सच्चा नेता कुछ कहता है तो लोग उसे मानते हैं। अगर लाल बहादुर शास्त्री के बाद कोई ऐसा नेता हुआ है, जिसकी लोग बात मानते हैं तो वे अरविंद केजरीवाल हैं।


बाकी कई आए, कई गए। उन्होंने कहा कि जब लाल बहादुर शास्त्री ने अनाज की कमी दूर करने के लिए सोमवार के व्रत का आह्वान किया तो सबने व्रत रखा था।

विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने कहा कि देश में आजादी के पहले और आजादी केबाद दो ही शख्सियत ऐसी हुई हैं, जिनकी बात जनता ने मान। उन्होंने कहा कि आजादी के पहले महात्मा गांधी ने सफाई का अभियान छेड़ा और आश्रम से सफाई शुरू की तो लोगों ने इसे अपनाया।

डंडे के बल पर सम-विषम फॉमूला लागू नहीं होता

compare Kejriwal with Mahatma Gandhi and Lal Bahadur Shastri

आजादी के बाद लालबहादुर शास्त्री ने अनाज की कमी होने पर परिवार के साथ सोमवार का व्रत रखने का आह्वान किया तो पूरे देश ने व्रत रखना शुरू कर दिया। आज भी लोग व्रत रखते हैं। अब केजरीवाल ने सम-विषम का आह्वान किया और खुद भी पालन किया तो लोगों ने उसका पालन किया।


परिवहन मंत्री गोपाल राय ने कहा कि डंडे के बल पर सम-विषम फॉमूला लागू नहीं होता। इतिहास गवाह है कि जनसंख्या नियंत्रण में डंडे से पालन कराने की कोशिश की गई तो लोगों ने सत्ता ही पलट दी थी।

वहीं मंत्री इमरान हुसैन ने कहा प्रदूषण पहले भी होता था। पुरानी पार्टी वोट बैंक के कारण कदम नहीं उठाती थी, लेकिन अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हम वोट बैंक की राजनीति नहीं करेंगे और इसे लागू किया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed