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'बाबा का ढाबा' के बाहर कंपनियों ने लगाया विज्ञापनों का अंबार, बुजुर्ग को अब एक आदमी की तलाश
Sat, 10 Oct 2020 07:04 PM IST
Mohit Mudgal
एएनआई, नई दिल्ली
एएनआई, नई दिल्ली
Published by: Mohit Mudgal
Updated Sat, 10 Oct 2020 07:04 PM IST
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बाबा का ढाबा पर लगा विज्ञापनों का अंबार
- फोटो : ANI
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कुछ दिनों पहले तक 'बाबा का ढाबा' दिल्ली के मालवीय नगर की सामान्य दुकान थी। जहां एक बुजुर्ग दंपती खाना बेचने के लिए मशक्कत कर रहा था। मगर अब यहां बड़ी-बड़ी कंपनियां अपना विज्ञापन और प्रचार करने में जुटी हैं।
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ढाबे के मालिक कांता प्रसाद के लिए जिंदगी बिल्कुल बदल गई है। अब वो एक आदमी की तलाश में हैं जो उन्हें इस बढ़ी मांग को पूरा करने में उनकी मदद कर सके। कांता प्रसाद अब जनता के बीच हीरो बन चुके हैं। अब लोगों में उनके साथ फोटो खिंचवाने की होड़ है।
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लोग अब 'बाबा का ढाबा' के पास रुक कर फोटो और सेल्फी लेते हैं। कांता प्रसाद की दुकान अब पोस्टरों और बैनरों से भर चुकी है। अब यहां पोस्टर लगाने के लिए शायद ही कोई जगह बची है। इसी के साथ यहां कई कोविड इंश्योरेंस के छोटे काउंटर भी लग गए हैं।
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जब कांता प्रसाद से पूछा गया कि वो इसी बढ़ी हुई मांग को कैसे पूरा करेंगे, तो उन्होंने बताया कि अब मैं किसी ऐसे व्यक्ति की तालाश में हूं जो मेरी मदद कर सके। क्योंकि मैं अपने ग्राहकों को मना नहीं कर सकता। इस उम्र में मैं सब कुछ अकेले नहीं कर सकता। पहले मैं 750 ग्राम चावल बेचने के लिए मश्क्कत करता था। मगर अब मैं आधे दिन में पांच किलो चावल बेच लेता हूं।
जब उनसे कंपनियों के प्रचार के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि ये मदद और प्रचार दोनों है। उन्होंने कहा कि उन्हें अब मदद की जरूरत नहीं है और लोग अब दूसरों की मदद कर सकते हैं।
शनिवार को एक और दंपती 'बाबा का ढाबा' पहुंचे जो की अच्छी स्थिति में नही थे। बाबा का ढाबा पर आए लोगों ने उनकी मदद की और उन्हें वहां से खाना भी खिलाया।