सऊदी राजनयिक के घर पर रेड के दौरान पुलिस पर पड़ा दबाव
लगभग चार महीने से सऊदी राजनयिक और उसके साथियों की हवस का शिकार बनीं दो नेपाली महिलाओं को जब पुलिस मुक्त कराने पहुंची तो दबाव बनाने के लिए पुलिस कमिश्नर के पास फोन आया था।
यह कॉल भारत में सऊदी अरब के राजदूत की बताई गई है। उसने राजदूत बताकर ही अपना परिचय दिया था। इस बात का खुलासा पुलिस आयुक्त द्वारा एडीजीपी के माध्यम से विदेश मंत्रालय को भेजी गई रिपोर्ट के आधार पर हुआ है।
रिपोर्ट के मुताबिक जब कैटरोइना सोसायटी में रह रहे सऊदी दूतावास के फर्स्ट सेक्रेटरी माजिद हसन अशूर के घर पुलिस छापा मारने पहुंची तो पुलिस आयुक्त के मोबाइल संख्या 9999981801 पर शाम 4:11 बजे दिल्ली से 9650207878 नंबर से फोन आया था।
राजनयिक की पत्नी और बेटी ने किया था विरोध
फोन करने वाले ने खुद को भारत में सऊदी अरब का राजदूत बताया था। इतना ही नहीं उसने फोन पर ही पुलिस आयुक्त से तुरंत स्थान खाली कर देने का दबाव बनाया था।
पुलिस आयुक्त नवदीप सिंह विर्क की ओर से भेजी गई रिपोर्ट में कहा गया है कि नेपाली महिलाओं को मुक्त कराने की कार्रवाई नेपाल दूतावास की ओर से आए पत्र के बाद की गई।
पूरे मामले की जांच महिला सहायक पुलिस आयुक्त से कराई गई। मालूम हो कि अमर उजाला के पास छापेमारी के दौरान मैती इंडिया नामक एनजीओ की ओर से बनाई गई जो वीडियो है उसमें राजनयिक की पत्नी और बेटी भी पुलिस कार्रवाई का विरोध करती नजर आ रही हैं।
मैती इंडिया के प्रतिनिधि बालकृष्ण पांडे पहले ही कह चुके हैं कि छापेमारी के कुछ ही देर बाद राजनयिक के घर के पास दूतावास की गाड़ियां आ गई थीं।