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दिल्ली में हथियारों का जखीरा बरामद, 3 गिरफ्तार

Tue, 24 Mar 2015 02:32 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 24 Mar 2015 02:32 AM IST
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Coat of arms recovered in Delhi, 3 arrested

दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने हथियारों का बड़ा जखीरा पकड़ा है। पुलिस ने आर्म्स डीलर सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 1800 कारतूस, डबल बैरल की नौ गन और सिंगल बैरल की दो गन बरामद की गई हैं। एटा, उत्तरप्रदेश का आर्म्स डीलर दिल्ली, एनसीआर व पश्चिमी यूपी के बदमाशों को हथियारों की सप्लाई करता था। ये हथियार बिहार के मुंगेर और मध्य प्रदेश के खरगोन से आते थे, जबकि कारतूस यूपी से सप्लाई होते थे। आर्म्स डीलर के पिता यूपी पुलिस में डिप्टी एसपी रहे हैं।

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स्पेशल सेल डीसीपी संजीव कुमार यादव ने बताया कि वर्ष 2012 से जो अवैध हथियार पकड़े जा रहे थे, उससे यह देखने में आ रहा था कि ज्यादातर अवैध हथियार मुंगेर, बिहार और खरगोन, मध्यप्रदेश से सप्लाई हो रहे हैं। हाल ही में स्पेशल सेल ने दो स्वचालित पिस्टल व 7.65 के 900 कारतूस बरामद किए थे। जांच में पता लगा कि कारतूस यूपी के कुछ अधिकृत डीलरों से लेकर बदमाशों को सप्लाई किए जा रहे हैं। ये कारतूस सरकारी फैक्ट्रियाें में बने हुए हैं। सेल में तैनात इंस्पेक्टर गोविंद शर्मा को सूचना मिली थी कि एटा, यूपी का आर्म्स डीलर अशोक सिंह बदमाशों को हथियार सप्लाई करने वाले गिरोह का सरगना है और वह सराय कालेखां बस अड्डे पर स्विफ्ट कार से कुछ रिसीवर से मिलने आएगा। पुलिस टीम ने जब यहां घेराबंदी की तो आरोपी आईएसबीटी कश्मीरी गेट पहुंच गया।
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इंस्पेक्टर गोविंद शर्मा व प्रह्लाद शर्मा की टीम ने अशोक सिंह को उस समय पकड़ लिया जब वह हथियारों की खेप रिसीवर राकेश शर्मा को दे रहा था। पुलिस ने रिसीवर राकेश शर्मा व अशोक सिंह के ड्राइवर अजय शर्मा को भी गिरफ्तार कर लिया। बरामद कारतूस 7.65, .315 और 0.22 बोर के हैं। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि यह गिरोह बड़े पैमाने पर फैला हुआ है। हाल में दिल्ली व एनसीआर में डबल बैरल गन की मांग बढ़ी है। हो सकता है कि सिक्योरिटी गार्ड व अन्य लोग वारदातों में इसका प्रयोग कर रहे हों।
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डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट को नहीं दिया जाता था डाटा
आरोपी अशोक सिंह एटा में अशोक आर्म्स स्टोर नाम से दुकान चलाता था। वह अपने कोटे के तहत कानपुर, लखनऊ, मेरठ, मुरादाबाद, एटा के आर्म्स डीलराें से हथियार व कारतूस लेता था। वह कितने कारतूस ले रहा है, कहां बेच रहा है और किसको सप्लाई कर रहा है इसकी जानकारी डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट को नहीं देता था। जबकि कानूनन डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट को पूरी जानकारी देनी चाहिए। आरोपी गन हाउस के बेकार ऑडिटिंग सिस्टम का फायदा उठाते थे।


पहले से दर्ज हैं मामले
अबाधाद हाउस एटा, यूपी निवासी अशोक सिंह (62) के पिता यूपी पुलिस से डिप्टी एसपी के पद से रिटायर हुए हैं। हथियारों का उसका फैमिली व्यवसाय है। इसके दादा भी इटावा में गनशॉप चलाते थे। अशोक सिंह के खिलाफ जाली करेंसी और फर्जी आर्म्स लाइसेंस के मामले दर्ज हैं। बताया जा रहा है यह एक मामले में वह पहले से दोषी है। मुरैना निवासी राकेश शर्मा के खिलाफ भी पहले से दो आपराधिक मामले दर्ज हैं। पांच वर्ष पहले ये एक बदमाश के जरिये राकेश शर्मा के संपर्कमें आया और हथियारों की सप्लाई करने लगा। संजय नगर आगरा रोड एटा निवासी अजय शर्मा अशोक  सिंह का ड्राइवर है। वह अशोक सिंह के गोरखधंधे में उसका साथ देता था।

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