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सीएम योगी बोले-डंपिंग ग्राउंड बनाया जाए, लेकिन आबादी से 2 किमी दूर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा
Updated Tue, 19 Jun 2018 11:41 AM IST
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सीएम से मिला प्रतिनिधिमंडल
- फोटो : अमर उजाला
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कचरा घर के लिए सामाजिक संगठनों व राजनीतिक दलों की मुहिम अब रंग लाने लगी है। सोमवार को कूड़ा घर विरोध संघर्ष समिति के बैनर तले गाजियाबाद में प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कचरा घर बनाया जाए, लेकिन आबादी से दो किलोमीटर दूर।
उन्होंने आश्वस्त किया कि इस मामले का निस्तारण जल्द किया जाएगा। इसको लेकर मंगलवार को केंद्रीय मंत्री, विधायक, प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी व डंपिंग ग्राउंड संघर्ष समिति के पदाधिकारियों की बैठक होगी। बैठक में कचरा घर के लिए विकल्प पर बात होगी। इस दौरान सुखबीर पहलवान, पूर्व सपा नेता सूबे यादव, इंदर यादव और संघर्ष समिति के सदस्य मौजूद रहे।
सीएम से मिलने के दौरान समिति के पदाधिकारियों ने दलील दी कि ठोस कचरा प्रबंधन नियम-2016 के अनुसार, कोई कचरा घर (सेनेटरी लैंडफिल साइट) नदी से 100 मीटर के दायरे में नहीं बन सकता। यही नहीं 200 मीटर के दायरे में आबादी, हाईवे, पब्लिक पार्क और वाटर सप्लाई नहीं होनी चाहिए, लेकिन यहां नियमों का उल्लंघन कर एनजीटी के निर्देशों का हवाला दिया जा रहा है।
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इसको लेकर 6 जून से लगातार सेक्टर-123 में विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। दो बार गिरफ्तारी भी दी जा चुकी है। तर्क दिया कि जिस स्थान पर कचरा घर बनाया जा रहा है, उससे 50 मीटर की कम दूरी पर रिहायशी आबादी है। कचरा घर बनने से संक्रमण की बीमारी हो सकती है।
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उन्होंने आश्वस्त किया कि इस मामले का निस्तारण जल्द किया जाएगा। इसको लेकर मंगलवार को केंद्रीय मंत्री, विधायक, प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी व डंपिंग ग्राउंड संघर्ष समिति के पदाधिकारियों की बैठक होगी। बैठक में कचरा घर के लिए विकल्प पर बात होगी। इस दौरान सुखबीर पहलवान, पूर्व सपा नेता सूबे यादव, इंदर यादव और संघर्ष समिति के सदस्य मौजूद रहे।
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सीएम से मिलने के दौरान समिति के पदाधिकारियों ने दलील दी कि ठोस कचरा प्रबंधन नियम-2016 के अनुसार, कोई कचरा घर (सेनेटरी लैंडफिल साइट) नदी से 100 मीटर के दायरे में नहीं बन सकता। यही नहीं 200 मीटर के दायरे में आबादी, हाईवे, पब्लिक पार्क और वाटर सप्लाई नहीं होनी चाहिए, लेकिन यहां नियमों का उल्लंघन कर एनजीटी के निर्देशों का हवाला दिया जा रहा है।
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इसको लेकर 6 जून से लगातार सेक्टर-123 में विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। दो बार गिरफ्तारी भी दी जा चुकी है। तर्क दिया कि जिस स्थान पर कचरा घर बनाया जा रहा है, उससे 50 मीटर की कम दूरी पर रिहायशी आबादी है। कचरा घर बनने से संक्रमण की बीमारी हो सकती है।
आश्वासन को लिखित में देने की मांग
विरोध करती महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री से मिलकर लौटा प्रतिनिधिमंडल पंचायत स्थल पर पहुंचा। यहां लोगों को जानकारी दी गई। ऐसे में प्रदर्शनकारियों के चेहरों पर खुशी का माहौल साफ देखा गया, लेकिन उन्होंने आश्वासन को लिखित रूप में दिए जाने की मांग की।
इस मौके पर समिति के मुखिया सुखवीर पहलवान व सूबे यादव ने कहा कि जब तक नोएडा प्राधिकरण लिखित रूप में नहीं देता है, धरना ऐसे ही चलता रहेगा। प्रशासन चाहे कितनी भी कोशिश कर ले, लेकिन यहां कचरा घर किसी भी कीमत पर नहीं बनने दिया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री ने हालात की जानकारी दी
बताते हैं कि रविवार को सीएम दिल्ली में थे। सबसे पहले केंद्रीय मंत्री डॉ. महेश शर्मा ने उनसे मुलाकात की और डंपिंग ग्राउंड को लेकर नोएडा के हालात की जानकारी दी। चूंकि जिस तरह से हंगामा हो रहा है, प्रदेश में ही नहीं, बल्कि देश स्तर पर सबको पता है। इसी मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री की बात चीफ सेक्रेटरी व प्राधिकरण के सीईओ आलोक टंडन से भी हुई।
उधर, आंदोलनकारी घोषणा कर चुके थे कि सीएम का गाजियाबाद में घेराव किया जाएगा। इसी मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री ने सीएम से कहा कि समिति के पदाधिकारी मिलना चाहते हैं। सीएम की हामी मिलते ही मंत्री ने समिति के पदाधिकारियों की मुलाकात कराई।
इस मौके पर समिति के मुखिया सुखवीर पहलवान व सूबे यादव ने कहा कि जब तक नोएडा प्राधिकरण लिखित रूप में नहीं देता है, धरना ऐसे ही चलता रहेगा। प्रशासन चाहे कितनी भी कोशिश कर ले, लेकिन यहां कचरा घर किसी भी कीमत पर नहीं बनने दिया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री ने हालात की जानकारी दी
बताते हैं कि रविवार को सीएम दिल्ली में थे। सबसे पहले केंद्रीय मंत्री डॉ. महेश शर्मा ने उनसे मुलाकात की और डंपिंग ग्राउंड को लेकर नोएडा के हालात की जानकारी दी। चूंकि जिस तरह से हंगामा हो रहा है, प्रदेश में ही नहीं, बल्कि देश स्तर पर सबको पता है। इसी मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री की बात चीफ सेक्रेटरी व प्राधिकरण के सीईओ आलोक टंडन से भी हुई।
उधर, आंदोलनकारी घोषणा कर चुके थे कि सीएम का गाजियाबाद में घेराव किया जाएगा। इसी मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री ने सीएम से कहा कि समिति के पदाधिकारी मिलना चाहते हैं। सीएम की हामी मिलते ही मंत्री ने समिति के पदाधिकारियों की मुलाकात कराई।