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Delhi: दिल्ली मास्टर प्लान 2041 को मंजूरी के लिए गृहमंत्री शाह से मिलीं सीएम, बढ़ाया जा सकता है NCR का दायरा
Wed, 16 Jul 2025 05:09 AM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: विजय पुंडीर
Updated Wed, 16 Jul 2025 05:09 AM IST
सार
बैठक में विकसित दिल्ली, निर्मल और अविरल यमुना, झुग्गी की जगह मकान और एनसीआर का दायरा बढ़ाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई।
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गृह मंत्री अमित शाह और रेखा गुप्ता
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दिल्ली मास्टर प्लान 2041 पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की गृह मंत्री अमित शाह के साथ महत्वपूर्ण बैठक हुई। इसमें विकसित दिल्ली, निर्मल और अविरल यमुना, झुग्गी की जगह मकान और एनसीआर का दायरा बढ़ाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। इस बैठक के बाद मास्टर प्लान लागू होने की उम्मीद बढ़ गई है। बता दें कि 2023 में मास्टर प्लान का मसौदा तैयार कर इसे अधिसूचित करने के लिए केंद्र सरकार के पास भेजा था लेकिन अनुमति नहीं मिलने से अब तक यह लागू नहीं हो पाया है।
बैठक में दिल्ली को आर्थिक और सांस्कृतिक रूप मजबूती प्रदान करने वाले प्रावधानों पर चर्चा हुई। यमुना नदी को दिल्ली में प्रभावशाली स्वरूप देने के पर बात हुई। खासकर यमुना की सफाई के लिए विकेंद्रीकृत सीवेज सिस्टम विकसित करने, बड़े नालों के रखरखाव, औद्योगिक इकाइयों को सुव्यवस्थित करने पर गंभीरता से चर्चा की गई। दिल्ली सरकार ने वजीराबाद से ओखला बैराज तक यमुना नदी के करीब 22 किलोमीटर के दायरे को साफ सुथरा और विकसित करने का रोडमैप तैयार किया है।
गृह मंत्री के साथ हुई इस मीटिंग के बाद इस परियोजना पर काम तेज होने की उम्मीद है। बैठक में मुख्यमंत्री गृहमंत्री के अलावा केंद्रीय शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर व कई अन्य मंत्री भी मौजूद रहे।
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झुग्गी की जगह मकान देने पर सरकार गंभीर
गृह मंत्री के साथ हुई इस मीटिंग में दिल्ली से झुग्गियों को तेजी से खत्म करने और इनमें रहने वाले लोगों को पक्के मकान देने पर भी चर्चा की गई है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय दिल्ली विकास प्राधिकरण के माध्यम से इस पर महत्वपूर्ण निर्णय ले सकता है।
बढ़ाया जा सकता है एनसीआर का दायरा
इस महत्वपूर्ण बैठक में राष्ट्रीय राजधानी परिक्षेत्र का दायरा बढ़ाने को लेकर भी चर्चा की गई है। सूत्रों के मुताबिक केंद्र सरकार एनसीआर के आसपास के शहरों में बुनियादी ढांचागत विकास कर दिल्ली की आबादी को इन शहरों की तरफ ले जाना चाहती है। इससे दिल्ली का जनसंख्या बोझ हल्का किया जा सकता है। हालांकि अभी भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है कि क्या मास्टर प्लान में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव होंगे, या फिर इसके पुराने स्वरूप को ही लागू किया जाएगा।
यह भी पढ़ें: Delhi: दिल्लीवासियों को रेखा सरकार का तोहफा, 6000 करोड़ रुपये की लागत से यहां बनेगा एलिवेटेड कॉरिडोर
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बैठक में दिल्ली को आर्थिक और सांस्कृतिक रूप मजबूती प्रदान करने वाले प्रावधानों पर चर्चा हुई। यमुना नदी को दिल्ली में प्रभावशाली स्वरूप देने के पर बात हुई। खासकर यमुना की सफाई के लिए विकेंद्रीकृत सीवेज सिस्टम विकसित करने, बड़े नालों के रखरखाव, औद्योगिक इकाइयों को सुव्यवस्थित करने पर गंभीरता से चर्चा की गई। दिल्ली सरकार ने वजीराबाद से ओखला बैराज तक यमुना नदी के करीब 22 किलोमीटर के दायरे को साफ सुथरा और विकसित करने का रोडमैप तैयार किया है।
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गृह मंत्री के साथ हुई इस मीटिंग के बाद इस परियोजना पर काम तेज होने की उम्मीद है। बैठक में मुख्यमंत्री गृहमंत्री के अलावा केंद्रीय शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर व कई अन्य मंत्री भी मौजूद रहे।
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झुग्गी की जगह मकान देने पर सरकार गंभीर
गृह मंत्री के साथ हुई इस मीटिंग में दिल्ली से झुग्गियों को तेजी से खत्म करने और इनमें रहने वाले लोगों को पक्के मकान देने पर भी चर्चा की गई है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय दिल्ली विकास प्राधिकरण के माध्यम से इस पर महत्वपूर्ण निर्णय ले सकता है।
बढ़ाया जा सकता है एनसीआर का दायरा
इस महत्वपूर्ण बैठक में राष्ट्रीय राजधानी परिक्षेत्र का दायरा बढ़ाने को लेकर भी चर्चा की गई है। सूत्रों के मुताबिक केंद्र सरकार एनसीआर के आसपास के शहरों में बुनियादी ढांचागत विकास कर दिल्ली की आबादी को इन शहरों की तरफ ले जाना चाहती है। इससे दिल्ली का जनसंख्या बोझ हल्का किया जा सकता है। हालांकि अभी भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है कि क्या मास्टर प्लान में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव होंगे, या फिर इसके पुराने स्वरूप को ही लागू किया जाएगा।
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