दिल्ली विस में CM ने दी सफाई, PM को नसीहत
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पूर्व कानून मंत्री जितेन्द्र सिंह तोमर मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल विधानसभा में सफाई दी। तो तुरंत भाजपा की दिग्गज नेता वसुंधरा राजे सिंधिया और सुषमा स्वराज को मंत्रिमंडल से हटाकर जांच करने की मांग प्रधानमंत्री के समक्ष रख दी।
हालांकि भाजपा विधायकों ने प्रधानमंत्री का नाम लिए जाने पर आपत्ति भी जताई। वहीं विस कार्यवाही के बाहर केजरीवाल ने अरुण जेटली पर लग रहे आरोप की जांच के सवाल पर कहा कि सबकी जांच होनी चाहिए।
केजरीवाल ने कहा जितेन्द्र तोमर से लिखित स्पष्टीकरण दिया था और कुछ कागजात भी दिखाए थे। उसे देखकर लगा सब ठीक है, लेकिन पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। गिरफ्तारी हुई तो इस्तीफा मिलते ही स्वीकार किया और मंत्रिमंडल से हटा दिया। हम ईमानदारी करने आए हैं। किसी से रिश्तेदारी नहीं है।
मुझे धोखे में रखा गया
मुख्यमंत्री ने कहा इस मामले में पुलिस और मीडिया से जो कुछ सामने आ रहा है, मुझे नहीं पता वो सही है या गलत। अगर सच है तो लगता है कि मुझे धोखे में रखा गया था। लेकिन हमने तो अपने मंत्री का मामला सामने आते ही कार्रवाई कर दी।
केजरीवाल ने कहा कि मेरी एक छोटी गुजारिश है। जैसे मामला आते ही हमने मंत्री को हटा दिया। प्रधानमंत्री जी से निवेदन करना चाहता हूं कि जैसे मुझे धोखे में रखा गया, वैसे ही लगता है पीएम के मंत्री भी उनको धोखे में रख रख रहे हैं। मैं चाहूंगा वसुंधरा और सुषमा पर आरोप हैं। उन्हें पद से हटाकर निष्पक्ष जांच कराई जाए।
वहीं नेता प्रतिपक्ष विजेन्द्र गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री केजरीवाल ने पूर्व कानून मंत्री जितेंद्र सिंह तोमर को क्लीनचिट दी थी, अब वो तिहाड़ में है, अब आप क्या कहेंगे? स्पष्टीकरण के साथ ही मुख्यमंत्री को इस्तीफा देना चाहिए।