सीएम केजरीवाल ने राजनाथ सिंह को लिखी चिट्ठी, कहा- एयरपोर्ट मेट्रो की हो सीबीआई जांच
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उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने मीडिया को बताया कि आईजीआई एयरपोर्ट तक लोगों को जल्द पहुंचाने के लिए एयरपोर्ट मेट्रो की डिजाइन की गई थी। शुरुआत में इसकी स्पीड 120 किमी रखने की योजना थी। लेकिन दिल्ली डायलॉग कमीशन (डीडीसी) की जांच रिपोर्ट से पता चला है कि संविदा देने से लेकर इसे बनाने में कई स्तर पर गड़बड़ियां की गई। इससे डीएमआरसी को अब करीब 5000 करोड़ रुपये का भुगतान रिलायंस को करना पड़ेगा।
मनीष सिसोदिया के मुताबिक, डीडीसी की जांच में पता चला है कि मेट्रो बनाने के मानक नियमों में ढेरों बदलाव किए गए। इससे नियमों का मूल ही खत्म हो गया। यहां तक कि ठेके से पीछे हटने के एवज में कोई सीमा नहीं लगाई गई। इसका सीधा फायदा रिलायंस को मिला। फिर, निर्माण में भी कई तरह की खामियां दिखीं।
सेफ्टी जांच के दौरान सेफ्टी कमिश्नर को 1551 क्रैक दिखे। वहीं, 149 गर्डर को ठीक से डिजाइन नहीं किया गया था। सेफ्टी कमिश्नर ने मेट्रो चलाने की इजाजत तभी दी, जब स्पीड 120 से घटाकर 50 कर दी गई। इससे मेट्रो निर्माण का मूल मकसद ही खत्म हो गया। उन्होंने बताया कि नुकसान होने की दलील देते हुए रिलायंस के मेट्रो संचालन से हटने पर विवाद निपटारा समिति ने 5000 करोड़ रुपये भुगतान करने का आदेश दिया है।
मनीष सिसोदिया ने बताया कि अगर डीएमआरसी को भुगतान करना पड़ा तो वह किराया बढ़ाकर इसे दिल्ली वालों से वसूलेगी। ऐसी हालत में मुख्यमंत्री ने दो मंत्रियों को पत्र लिखकर मामले की सीबीआई जांच की मांग की है। साथ ही कहा कि दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसी से इसकी भरपाई भी की जाए।