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सीएम केजरीवाल की सख्ती के बाद सुधरा सिस्टम, बिजली गुल होने पर यहां करे फोन
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 28 May 2016 10:25 AM IST
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अरविंद केजरीवाल
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बिजली कटौती पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की सख्ती के बाद बिजली वितरण कंपनियों ने अपने सिस्टम की मरम्मत करना शुरू कर दिया है। बिजली गुल की शिकायत के लिए बीएसईएस के लिए एक नया नंबर लांच करने के साथ ही कॉल सेंटर कर्मियों की संख्या में भी 50 फीसदी का इजाफा किया गया है।
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जल्द शिकायतों के निपटारे के लिए इमरजेंसी कंट्रोल और स्पेशल क्विक रिएक्शन टीम (क्यूआरटी)भी गठित की गई है। मुख्यमंत्री ने डिस्कॉम्स को चेतावनी दी थी कि यदि उपभोक्ताओं को दिक्कत हुई तो बिजली वितरण कंपनियों के लाइसेंस रद्द करने पर भी विचार किया जाएगा।
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बिजली गुल होने पर राजधानी पावर लिमिटेड के उपभोक्ता 33517100 और बीवाईपीएल के उपभोक्ता 30079300 पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। अतिरिक्त फोन नंबर एक जून से काम करना शुरू कर देगा और 31 अगस्त तक चलेगा। कॉल सेंटर में कर्मियों की संख्या भी दोगुनी की गई है। बीएसईएस की ओर से फील्ड में 200 अतिरिक्त लोगों की तैनाती की जा रही है।
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बिजली गुल होने के डिस्कॉम्स ने बताए कारण
बिजली संकट
चौबीसों घंटे फॉल्ट्स को मॉनिटर करने के लिए इमरजेंसी कंट्रोल रूम बनाया गया है। शिकायतों के त्वरित निपटारे के लिए सभी सर्किलों में स्पेशल क्यूआरटी का गठन किया गया है।
ग्रिड के स्तर पर फॉल्ट का पता लगाने के लिए हॉट स्पॉट स्कैनिंग की व्यवस्था की गई है। बिजली आपूर्ति की स्थिति को मॉनिटर करने के लिए चौबीसों घंटे सीनियर अधिकारियों की तैनाती का निर्णय भी लिया गया है।
बीएसईएस ने बताया कि नेटवर्क क्षमता बढ़ाने के लिए वित्त वर्ष-2015-16 के दौरान बीएसईएस ने 550 करोड़ रुपये खर्च किए। इसकी वजह से नेटवर्क क्षमता में 450 एमवीए की बढ़ोतरी हुई है। मध्य दिल्ली, नजफगढ़ और मुंडका में 50-50 एमवीए क्षमता वाले तीन ग्रिड स्टेशन बनाए गए हैं।
डिस्कॉम्स ने बताए कारण ये कारण:
ग्रिड के स्तर पर फॉल्ट का पता लगाने के लिए हॉट स्पॉट स्कैनिंग की व्यवस्था की गई है। बिजली आपूर्ति की स्थिति को मॉनिटर करने के लिए चौबीसों घंटे सीनियर अधिकारियों की तैनाती का निर्णय भी लिया गया है।
बीएसईएस ने बताया कि नेटवर्क क्षमता बढ़ाने के लिए वित्त वर्ष-2015-16 के दौरान बीएसईएस ने 550 करोड़ रुपये खर्च किए। इसकी वजह से नेटवर्क क्षमता में 450 एमवीए की बढ़ोतरी हुई है। मध्य दिल्ली, नजफगढ़ और मुंडका में 50-50 एमवीए क्षमता वाले तीन ग्रिड स्टेशन बनाए गए हैं।
डिस्कॉम्स ने बताए कारण ये कारण:
- अनाधिकृत कॉलोनियों में बिजली नेटवर्क के लिए जगह की कमी के कारण बिजली की आपूर्ति प्रभावित होती है।
- अत्यधिक बिजली चोरी वाले इलाकों में बिजली के लोड में बढ़ोतरी से ट्रिपिंग होती है।
- अनाधिकृत कॉलोनियों में बिजली चोरी की वजह से नजदीक की नियमित कॉलोनियों में बिजली गुल होने की शिकायत आती है।