जाट आंदोलन का असर : सीएम की तिगांव रैली भी रद्द
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एनआईटी विधानसभा के बाद अब छह मार्च को तिगांव में होने वाली
माना जा रहा है कि रैली जाट आंदोलन से उपजे विवाद के कारण रद्द हो गई। दरअसल, भाजपा सरकार अभी जाट आंदोलन से उत्पन्न स्थिति को पूरी तरह संभाल नहीं पाई है।
अंदरखाने सरकार में भारी उठकपटक सामने आ रही है। सूत्रों की मानें तो सरकार अब रैली की बजाय प्रदेश में फैले जातिय विद्वेष को खत्म करना जरूरी है।
इसलिए सरकार ने जहां अधिकारी, मंत्री और कार्यकर्ताओं को जनता के बीच जाने की नसीहत दी है। वहीं, रैलियों से दूरी बना ली है। राजनीतिक विश्लेषक भी इस समय रैली को रद्द करना, समझदारी वाला कदम बता रहे हंै।
उनका कहना है कि रैली की बजाय सरकार को आंदोलन से बिगड़ी प्रदेश की छवि को सुधारना चाहिए। इसलिए भाजपा में तिगांव रैली के रद्द को लेकर कोई मायने नहीं निकाले जा रहे हंै।
जिलाध्यक्ष गोपाल शर्मा भी सही तरीके से रैली के रद्द होने के प्रश्र का जवाब नहीं दे पाएं। उन्होंने कहा कि उनके पास रैली रद्द होने का एसएमएस आया है। इससे ज्यादा वे कुछ नहीं बता सकते।