सीएम केजरीवाल का ईडी के नोटिस पर जवाब: 'वापस लिया जाए नोटिस, ये राजनीति से प्रेरित, भाजपा के कहने पर दिया गया'
सीएम केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा है कि यह नोटिस उनके इशारे पर दिया गया है, ताकि आगामी विधानसभा चुनावों में प्रचार न कर सकें।
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बीते सोमवार को आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक को पूछताछ के लिए दो नवंबर को तलब किया था। इसके जवाब में गुरुवार को दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यह नोटिस राजनीति से प्रेरित है। उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा है कि यह नोटिस उनके इशारे पर दिया गया है, ताकि आगामी विधानसभा चुनावों में प्रचार न कर सकें। सीएम केजरीवाल ने कहा है कि ईडी को इस नोटिस को तुरंत वापस लेना चाहिए। केजरीवाल को आज दिन में 11 बजे ईडी के दिल्ली स्थित कार्यालय में पेश होने के लिए कहा गया है।
Delhi CM Arvind Kejriwal responds to ED, "The summon notice is illegal and politically motivated. The notice was sent at the behest of the BJP. Notice was sent to ensure that I am unable to go for election campaigning in four states. ED should withdraw the notice immediately."… https://t.co/QlLIu4AUx1 pic.twitter.com/XCnUMLlgHe
— ANI (@ANI) November 2, 2023
गर्मायी दिल्ली की सियासत
इस बीच केजरीवाल की गिरफ्तारी की चर्चाओं से दिल्ली की सियासत गर्मा गई है। सियासी चर्चाओं में इस बात को लेकर कोई संदेह नहीं कि इससे दिल्ली की आप सरकार पर कोई खतरा होगा। सरकार दिल्ली में आप की ही रहेगी। यहां सवाल सिर्फ मुख्यमंत्री की गद्दी का है। इसमें भी अभी अव्वल यही माना जा रहा है कि ईडी मुख्यमंत्री को गिरफ्तार नहीं करेगी। लेकिन ऐसा होने की सूरत में भी किसी दूसरे नेता को तुरंत मुख्यमंत्री नहीं बनाया जाएगा। इसके लिए पार्टी अदालती कार्यवाही का रुख देखेगी। जिस तरह दावे के साथ आप नेता पूरे घटनाक्रम को साजिश करार दे रहे हैं, उसमें माना जा रहा है कि अदालत से राहत मिल जाए। लेकिन अगर मामला इसके उलट होता है तो कानूनी प्रावधानों के हिसाब से फैसला लिया जाएगा।
क्या है आप की तैयारी
सियासी जानकारों का मानना है कि अगर अदालत में मामला लंबा खिंचता है तो ज्यादा संभावना इसी बात की है कि आप अपने किसी विधायक को इसकी जिम्मेदारी दे दे। मौजूदा सियासी हालात में यह बेहतर फैसला होगा। वजह यह कि अगर किसी ऐसे नेता का नाम आप मुख्यमंत्री के तौर पर लाती है, जो विधायक नहीं है तो उसे छह माह के भीतर चुनाव लड़ना पड़ेगा। लेकिन फिलहाल आप के लिए चुनावी मैदान में जाना सियासी तौर पर नुकसानदेह भी हो सकता है। आप शायद ही इस तरह को कोई फंसने वाला फैसला ले। वह सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ने की रणनीति पर काम करेगी।
पूछताछ के दौरान गिरफ्तार हुए आप नेता
आप नेता जिस तरह मंगलवार मुख्यमंत्री की गिरफ्तारी की आशंका जता रहे हैं, उसके पीछे पूछताछ के दौरान गिरफ्तारी का इतिहास रहा है। शराब घोटाले व मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आप के तीन नेता गिरफ्तार होने के बाद जेल में हैं। दिल्ली के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और आप सांसद संजय सिंह को पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया। यही वजह है कि पार्टी मुख्यमंत्री के गिरफ्तार होने की आशंका जाहिर कर रही है।
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