Delhi: 500 इलेक्ट्रिक बसों को सीएम केजरीवाल ने दिखाई हरी झंडी, घटेगा कार्बन; साफ होगी हवा
दिल्ली परिवहन विभाग के बेड़े में आज 500 और इलेक्ट्रिक बसें शामिल होंगी। उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल नई बसों को हरी झंडी दिखाएंगे।
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दिल्ली के परिवहन बेड़े में बृहस्पतिवार को और 500 ई-बसें जुड़ गई हैं। उपराज्यपाल वीके सक्सेना और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आईपी डिपो से हरी झंडी दिखाकर बसों को रवाना किया। फिलहाल दिल्ली में ई-बसों की संख्या 1,300 हो गई है। दिल्ली सरकार का 2025 तक ई-बसों की संख्या 8,000 करने का लक्ष्य है। इसमें से 6,000 बसों को बनाने के आर्डर निर्माता कंपनियों को दे भी दिया गया है। अब हर महीने 50 से 100 ई-बसें सड़कों पर उतारी जाएंगी। वहीं, बाकी की निर्माण प्रक्रिया भी जल्द ही शुरू होगी। दूसरी तरफ लास्ट माइल कनेक्टिविटी के लिए अगले महीने से मोहल्ला बसों की भी शुरुआत होगी।
इस मौके पर उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने कहा कि केंद्र सरकार की फेम-2 स्कीम के तहत ई-बसों को चलाया जा रहा है। इसके जरिये सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था हरित ईंधन पर शिफ्ट होंगी। दूसरी तरफ मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बताया कि इस वक्त दिल्ली में सबसे ज्यादा ई-बसें चल रही हैं। 1,300 ई-बसों के बेड़े का 2025 तक 8,000 करना है। ई-बसें अब दिल्ली की पहचान बन रही हैं।
बुनियादी ढांचे पर 1500 करोड़ खर्च
दिल्ली सरकार के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने बताया कि सभी ई-बसें अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस हैं। बसें रोहिणी, हसनपुर, वजीरपुर सुभाष पैलेस से चलेंगी। इन्हें अलग-अलग रूटों पर डाला जाएगा। आने वाले सालों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से बसों में चालक और परिचालक के व्यवहार की भी मॉनिटरिंग की जाएगी। परिवहन मंत्री ने बताया कि दिल्ली में अभी 60 बस डिपो हैं। इन सभी पर बुनियादी ढांचा विकसित हो रहा है। इस पर करीब 1,500 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
घटेगा कार्बन, साफ होगी हवा
. प्रति किमी सीएनजी बस से 800 ग्राम कार्बन डाइऑक्साइड निकलती है।
. साल में चलती करीब 70 हजार किलोमीटर, पैदा होती 56 टन कार्बन डाइऑक्साइड।
. ई-बसों में नहीं निकलता रत्ती भर भी कार्बन डाई ऑक्साइड।
. अभी चल रही 800 ई-बसें, हवा में नहीं जा रही 34,000 टन कार्बन डाई ऑक्साइड।
. बेड़ा 8,000 ई-बसों का होने से सालाना हटेगा 4.67 लाख टन कार्बन डाइऑक्साइड।
. साथ में ध्वनि प्रदूषण रोकने में भी मिलेगी मदद।
दो वर्ष 1300 हुई इलेक्ट्रिक बसों की संख्या
दिल्ली में 17 जनवरी 2022 को पहली इलेक्ट्रिक बस को परिवहन विभाग के बेडे में शामिल किया गया था। इसके बाद मार्च 2022 में दो ई-बसों को शामिल किया गया। 24 मई 2022 को 150, 24 अगस्त 2022 को 97 बसें शामिल की गईं। इस साल 2 जनवरी को 50 बस, 1 मई को 100, 5 सितंबर को 400 बसें और बृहस्पतिवार को 500 इलेक्ट्रिक बसें शामिल की गई हैं।
बसों की विशेषताएं
- इलेक्ट्रिक बसें लो फ्लोर, वातानुकूलित व जीपीएस से लैस हैं
- बसों में सुरक्षा व बेहतर संचालन के लिए चार कैमरे लगे हैं
- महिलाओं के लिए पिंक कलर की 10 आरक्षित सीटें हैं
- दिव्यांगों के लिए आरक्षित सीट व व्हीलचेयर ले जाने की सुविधा
- बस में वरिष्ठ नागरिकों के लिए चार सीटें आरक्षित
-आंख से दिव्यांग लोगों के लिए चालक के पीछे दो सीट आरक्षित।