अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाशः एटीएम कार्ड क्लोन कर रुपये निकाल हवाला से भेजते थे विदेश
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साइबर क्राइम टीम और पुलिस ने बुधवार को एटीएम कार्ड क्लोन कर करोड़ों की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया। पुलिस ने दो विदेशियों को सेक्टर चाई 5 स्थित कासा ग्रैंड सोसाइटी से गिरफ्तार किया है। आरोपी ठगी के बाद कुछ रकम पास रखते थे और बाकी अपने देश में हवाला के जरिये भेज देते थे।
इनकी पहचान ओमोन बेंसन ओगबीडे मूल निवासी लागोस, नाइजीरिया और जॉनसन, उसारो निवासी केन्या के रूप में हुई है। आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह के अन्य बदमाशों और ठिकानों के बारे में पता लगाया जा रहा है।
डीसीपी ग्रेटर नोएडा राजेश कुमार सिंह ने बताया कि एटीएम कार्ड क्लोन कर ठगी की शिकायतें मिल रही थीं। जनपद की साइबर क्राइम टीम इस पर काम कर रही थी। जांच में पता चला कि अफ्रीकी मूल के कुछ लोगों ने गिरोह बना रखा है। ये गिरोह दिल्ली-एनसीआर में वारदात को अंजाम देता है। सुराग मिलने पर साइबर क्राइम टीम ने बुधवार को सोसाइटी में दबिश देकर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ग्रेटर नोएडा में बैठकर पिछले एक वर्ष से ठगी कर रहे थे। आरोपियों पर जिले में 96 मामले दर्ज हैं।
इसके अलावा दिल्ली-एनसीआर में भी केस दर्ज हैं। साइबर टीम पता लगा रही है कि एनसीआर में इन पर कितने मामले दर्ज हैं। ओमोन वर्तमान में सेक्टर ओमीक्रॉन-1 स्थित स्टेलर माई सिटी होम्स व जॉनसन कासा ग्रैंड सोसाइटी में रहता है। इनका गिरोह नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद, गुरुग्राम और दिल्ली में वारदात को अंजाम देता है।
दूसरी मंजिल से कूदा, पैर फ्रैक्चर
पुलिस ने जब कासा ग्रैंड सोसाइटी में दबिश दी तो जॉनसन गिरफ्तारी से बचने के लिए दूसरी मंजिल से कूद गया। कूदने से उसके एक पैर में फ्रैक्चर हो गया। पुलिस ने उसका अस्पताल में इलाज कराया जहां से उसे कोर्ट में पेश किया गया।
यह हुई बरामदगी
पुलिस ने आरोपियों के पास से 96 एटीएम कार्ड, दो कार्ड क्लोनिंग मॉड्यूल, 2 पिन होल कैमरे, लैपटॉप, एक डाटा कार्ड, 2 पेन ड्राइव, दस हजार रुपये और अन्य विद्युत उपकरण बरामद किए हैं।-
एटीएम में फिट करते थे कार्ड रीडर और पिन होल कैमरा
एटीएम कार्ड क्लोन कर ठगने वाले गिरोह के बदमाशों के वारदात को अंजाम देने के तरीके पर पुलिस ने काम किया। जांच में पता चला कि आरोपी कार्ड रीडर और पिन होल कैमरे की मदद से वारदात करते हैं। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर ठगी के तरीके का पता लगाया।
एडिशनल डीसीपी साइबर अंकुर अग्रवाल ने बताया कि गिरोह के बदमाश सिर्फ बिना गार्ड वाले एटीएम बूथ को निशाना बनाते थे। एटीएम बूथ पर लगे कार्ड रीडर पर डाटा स्टोर करने के लिए एक क्लोनिंग चिप लगा देते थे। इससे एटीएम का उपयोग करने वाले सभी लोगों के कार्ड का डाटा स्टोर हो जाता था। इसके अलावा एटीएम की-पैड पर एक पिन होल (पिन सरीखे छेद वाला) कैमरा लगा देते थे। एटीएम कार्ड उपयोग करने वाला व्यक्ति जो पिन नंबर डालता था। वह कैमरे में कैद हो जाता था।
दो से तीन दिन में आरोपी चिप और कैमरा निकालकर ले जाते थे। इसके बाद नए एटीएम कार्ड में डाटा फीड कर पिन का उपयोग करते थे। इसके बाद आरोपी 20 से 50 हजार की रकम एटीएम कार्ड के जरिये निकाल लेते थे। यदि खाता मालिक को रुपये कम होने का पता नहीं चलता था और कार्ड ब्लॉक नहीं कराया जाता था तो आरोपी फिर से रकम निकाल लेते थे।