फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   claim of a student of jnu how he saved himself during violence

जेएनयू हिंसाः एबीवीपी सदस्य बताया, किताब दिखाई, तब जाकर जान बची

Thu, 09 Jan 2020 06:53 AM IST
दुष्यंत शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Thu, 09 Jan 2020 06:53 AM IST
विज्ञापन
claim of a student of jnu how he saved himself during violence
जेएनयू कैंपस में महिला कांग्रेस अध्यक्ष सुष्मिता देव - फोटो : अमर उजाला

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के एक छात्र राजेश कुमार आर्य ने बुधवार को दावा किया कि रविवार को नकाबपोश हमलावरों से बचने के लिए उसने झूठ का सहारा लिया। उसने कहा कि वह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) का सदस्य है। तब कहीं जाकर उसकी जान बची।

विज्ञापन


स्कूल आफ इंटरनेशनल स्टडीज के छात्र राजेश ने कांग्रेस की चार सदस्यीय तथ्यान्वेषी (फैक्ट फाइंडिंग) कमेटी के सामने यह बात कही। समिति ने राजेश के बयान दर्ज किए। समिति सभी घायलों और प्रभावितों के बयान दर्ज कर रही है। 
विज्ञापन


राजेश ने पैनल को बताया कि रविवार शाम पौने सात बजे वह साबरमती छात्रावास में था, जब 20 नकाबपोश लाठी, डंडे, हथौड़े और सरिये लेकर घुस आए। राजेश का कमरा दूसरे फ्लोर पर था। वहां से जब उसने नीचे झांका तो हमलावर कमरों में घूम-घूमकर छात्रों को पीट रहे थे। 
विज्ञापन
विज्ञापन


सभी के चेहरे ढके थे। एक हमलावर ने उसे देख लिया और चिल्लाया, ‘देखो कोई ऊपर है।’ राजेश ने अपने कमरे की लाइट बंद कर ली और अंदर से सांकल लगा ली। कुछ हमलावर दरवाजे को पीटने लगे और एक ने रोशनदान का शीशा तोड़ दिया। 

उसे लगा कि अब बचने का कोई रास्ता नहीं है तो डरकर दरवाजा खोल दिया। मैंने उनके आगे हाथ जोड़े। उन्होंने मुझे घेर लिया और एक कोने में धकेल दिया। कुछ मेरे बिस्तर पर खड़े हो गए। उन्होंने मुझसे नाम और राजनीतिक लगाव के बारे में पूछा। 

कुछ कहने लगे, इसे फर्श पर लिटाकर पीटो। मैंने कहा, ‘मैं भी एबीवीपी से हूं।’ उन्होंने मुझसे पूछा ‘संगठन में किसको जानते हो।’ मैंने कुछ नाम लिए, पर वे प्रभावित नहीं हुए। उन्होंने कहा, ‘सुबूत दो।’ मैंने उन्हें ‘हिंदू नेशनलिज्म-ए रीडर’ किताब दिखाई, जिसे मैं पढ़ रहा था। 


उन्होंने किताब देखी, कुछ पन्ने पलटे और चले गए। कमेटी के बारे में कांग्रेस प्रवक्ता और महिला कांग्रेस अध्यक्ष सुष्मिता देव ने कहा कि वे फैक्ल्टी और छात्रों से मिली हैं। वे उनसे तथ्य जान रही हैं। हम अभी कुछ नहीं कह सकते, क्योंकि कई पक्ष हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed