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रिटायर्ड कर्नल विवाद में सिटी मजिस्ट्रेट का बलरामपुर तबादला, पद का दुरुपयोग करने का लगा आरोप

Tue, 28 Aug 2018 08:53 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, नोएडा
ब्यूरो, अमर उजाला, नोएडा Updated Tue, 28 Aug 2018 08:53 PM IST
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City Magistrate transferred from Balrampur for Retired Colonel And ADM Controversy
रिटायर्ड कर्नल

रिटायर्ड कर्नल और एडीएम के विवाद में अब सिटी मजिस्ट्रेट महेंद्र कुमार सिंह पर गाज गिरी है। उनका तबादला नोएडा से बलरामपुर एडीएम (न्यायिक) के पद पर कर दिया गया है। शासन ने मामले में उन अफसरों की सूची मांगी थी, जिन्होंने एडीएम की मदद की थी।

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प्रशासन की रिपोर्ट में सिटी मजिस्ट्रेट का नाम भेजा गया था। आरोप है कि सिटी मजिस्ट्रेट, सीईओ अनित कुमार और थाना सेक्टर-20 इंस्पेक्टर मनीष सक्सेना ने बिना जांच के लिए थाने में ही बैठकर कर्नल के खिलाफ कार्रवाई की थी। सिटी मजिस्ट्रेट ने कर्नल पर गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कराने का दबाव भी बनाया था।
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दरअसल, 14 अगस्त को सेक्टर-29 में रिटायर्ड कर्नल वीरेंद्र प्रताप सिंह चौहान पर एडीएम की पत्नी ने छेड़छाड़ का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने रिटायर्ड कर्नल को आनन-फानन में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, लेकिन हथकड़ी लगाने के मामले में चार पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हो चुकी है। सीओ और इंस्पेक्टर को गैर जनपद भेजा जा चुका है।

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वाहवाही लूटने के लिए जल्दबाजी में की कार्रवाई

मंगलवार को इसी प्रकरण में सिटी मजिस्ट्रेट महेंद्र कुमार सिंह को शासन ने एडीएम (न्यायिक) बनाकर बलरामपुर में तैनात कर दिया है। बलरामपुर को उनके लिए सजा के रूप में देखा जा रहा है। शासन ने जिले के अफसरों से सूचना मांगी थी कि 14 अगस्त को किन-किन अधिकारियों ने पुलिस अफसरों को फोन करके या थाने पहुंचकर सिफारिश की थी। उसी रिपोर्ट में जिला प्रशासन ने सिटी मजिस्ट्रेट का नाम भेजा था। हालांकि , सिटी मजिस्ट्रेट का प्रमोशन होना था और आसपास के ही जिले में तैनाती की बात चल रही थी। 

आरोप है कि एडीएम ने यहां तैनात अफसरों को खुद फोन करने के साथ ही कुछ आला अफसरों से भी फोन कराए थे। जिस तरीके से एडीएम ने घटना को बताया था तो यहां की पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को लगा कि एडीएम की पत्नी के साथ छेड़छाड़, मारपीट व अपहरण का प्रयास हुआ।

साथ ही, एससी-एसटी का मामला है। लिहाजा जितनी बड़ी और जल्दी कार्रवाई होगी तो वाहवाही मिल जाएगी। यही कारण रहा कि सिटी मजिस्ट्रेट पर स्थानीय अधिकारियों के साथ ही प्रदेश के कुछ अन्य अफसरों का भी दबाव था।

सोशल मीडिया पर भी निकल रही भड़ास

मामले में पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों पर तो गाज गिर गई है, लेकिन अभी तक प्राधिकरण अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इसके लेकर सोशल मीडिया पर लोग जमकर प्राधिकरण के खिलाफ भड़ास निकालकर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

3 साल से लगातार रिटायर्ड कर्नल अतिक्रमण की शिकायत करते रहे। पहले एडीएम ने ग्राउंड फ्लोर पर अवैध निर्माण कराया। फिर उस पर प्रथम मंजिल पर बरामदा बना लिया। अगर प्राधिकरण शिकायत पर कार्रवाई करता तो पुलिस-प्रशासन को फजीहत नहीं होती।

आज से हस्ताक्षर अभियान
सीओ व इंस्पेक्टर की बर्खास्तगी की मांग पूरी न होने से पूर्व सैन्य अधिकारी नाराज हैं। इसे लेकर बुधवार को पूर्व सैन्य अधिकारी शहीद स्मारक स्थल पर एकत्र होंगे। इसमें लोगों और पूर्व सैन्य अधिकारियों व उनके परिवारों को बुलाया गया है। मीडिया के सामने ही रिटायर्ड कर्नल हस्ताक्षर अभियान को शुरू करेंगे। इसके बाद हस्ताक्षरयुक्त पत्र को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजा जाएगा जिसमें पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई पर रोष व्यक्त किया जाएगा।
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