फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

जिनके नाम पर बदला गुड़गांव का नाम, उन्हीं द्रोणाचार्य के मंदिर का ये है हाल

Thu, 14 Apr 2016 10:44 AM IST
ओम प्रकाश/अमर उजाला, गुड़गांव
ओम प्रकाश/अमर उजाला, गुड़गांव Updated Thu, 14 Apr 2016 10:44 AM IST
विज्ञापन
city is the name of Drona, Guru Dronacharya temple between houses
गुरुग्राम - फोटो : अमर उजाला

साइबर सिटी की न्यू रेलवे रोड के भीम नगर मोड़ से अंदर संकरी गलियों से गुजरते हुए करीब पांच सौ मीटर चलने पर एक छोटा सा मंदिर मिलता है। यह मंदिर कौरवों और पांडवों को धनुष विद्या सिखाने वाले गुरु द्रोणाचार्य का है।

अब तक किसी भी सरकार ने इस मंदिर की सुध नहीं ली

city is the name of Drona, Guru Dronacharya temple between houses
गुरूग्राम - फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव

राज्य सरकार ने विश्व प्रसिद्ध गुड़गांव का नाम बदलकर इनके नाम पर गुरुग्राम तो कर दिया, लेकिन इसके और द्रोणाचार्य तालाब के जीर्णोद्धार की कोई बात नहीं कही। इससे पहले भी कभी किसी सरकार ने द्रोणाचार्य और एकलव्य के मंदिर की सुध नहीं ली। यहां न गुरु की कोई बड़ी प्रतिमा है, न बोर्ड और न गेट। यह मंदिर वर्षों से उपेक्षा का शिकार है।

city is the name of Drona, Guru Dronacharya temple between houses
गुरूग्राम - फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव

एक तरफ साइबर सिटी का दिल्ली से लेकर अरावली की वादियों तक में फैलाव होता रहा तो दूसरी ओर इसकी सांस्कृतिक पहचान कब्जों और आवासों के बीच में दम तोड़ती रही।

विज्ञापन
विज्ञापन
city is the name of Drona, Guru Dronacharya temple between houses
गुड़गांव - फोटो : अमर उजाला

द्रोणाचार्य का प्राचीन मंदिर कभी खुले में हुआ करता था, लेकिन अब वह घरों के बीच कैद होकर रह गया है। मंदिर के सामने जो तालाब हुआ करता था, उसमें इतनी गंदगी है कि आप कल्पना नहीं कर सकते। सरकार ने इस शहर से हजारों करोड़ रुपये टैक्स के रूप में लिए, लेकिन इस सांस्कृतिक विरासत को दुनिया के सामने लाने के लिए कोई कोशिश तक नहीं की।

विज्ञापन
city is the name of Drona, Guru Dronacharya temple between houses
गुरुग्राम, एकलव्य मंद‌िर - फोटो : अमर उजाला

मंदिर में सेवा से जुड़े कलीराम शर्मा का कहना है कि गुड़गांव गांव के एक व्यक्ति ने 1721 में गुरु द्रोणाचार्य की कर्मस्थली पर उनके मंदिर का निर्माण करवाया था, तब से अब तक किसी भी सरकार ने इस मंदिर की सुध नहीं ली। पिछले 20-25 साल में गुड़गांव ने काफी तरक्की की।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed