{"_id":"5cd217bfbdec2207554178d8","slug":"cisce-result-2019-100-percentage-marks-obtaining-students-copy-made-publicly","type":"story","status":"publish","title_hn":"ICSE-ISC Result: 100 फीसदी अंक प्राप्त करने वालों की कॉपी होगी सार्वजनिक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ICSE-ISC Result: 100 फीसदी अंक प्राप्त करने वालों की कॉपी होगी सार्वजनिक
Wed, 08 May 2019 05:11 AM IST
देव कश्यप
नेहा शर्मा, अमर उजाला, नोएडा
नेहा शर्मा, अमर उजाला, नोएडा
Published by: देव कश्यप
Updated Wed, 08 May 2019 05:11 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (सीआईएससीई) में इस बार 12वीं में दो छात्रों को पहली बार संयुक्त रूप से 100 प्रतिशत अंक आए हैं। इतिहास रचते हुए साइंस स्ट्रीम में कोलकाता के देवांग कुमार अग्रवाल और बंगलूरू की विभा स्वामीनाथन ने ह्यूमैनेटिज में टॉप किया है। बोर्ड अब इन छात्रों की कॉपी को सार्वजनिक करेगा, ताकि आगामी परीक्षा देने वाले छात्र इन्हें देख सकें और उनको लिखने का आइडिया मिल जाए।
विज्ञापन
बोर्ड परीक्षाओं में 100 प्रतिशत अंक लाना बहुत मुश्किल माना जाता है। छात्र 99.8 प्रतिशत तक आकर अटक जाते हैं। किसी न किसी विषय में एक नंबर कट ही जाता है। इन दोनों छात्रों के शत प्रतिशत अंक आने के बाद अन्य छात्रों में उत्सुकता बढ़ गई है, वो जनना चाहते हैं कि इन दोनों छात्रों ने किस तरह से पेपर में सवालों के जवाब दिए थे, जो इनका एक भी नंबर नहीं काटा गया है। पेपर हल करते वक्त किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। चीफ एग्जीक्यूटिव और सेक्रेटरी गैरी एराथून ने बताया कि बोर्ड के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है। इसमें एक बच्चा साइंस और एक ह्यूमैनेटिज से है। इन बच्चों की कॉपी को बोर्ड की वेबसाइट पर डाला जाएगा, ताकि दूसरे बच्चों को आइडिया मिल सके उन्होंने किस तरह से सवालों के जवाब दिए हैं।
विज्ञापन
स्पेशल बच्चों में भी दिखाया कमाल
10वीं में 1021 डिस्लेक्सिया (इन छात्रों को पढ़ने में मुश्किल होती है) के छात्रों ने परीक्षा दी थी। उसमें से 123 छात्रों के 90 प्रतिशत से अधिक अंक आए हैं। 36 आंखों की बीमारी से पीड़ित छात्रों ने परीक्षा दी थी, जिसमें से 11 के 90 प्रतिशत से अधिक अंक आए हैं। जबकि तीन छात्रों ने अस्पताल से परीक्षा दी थी। वहीं, 12वीं में 196 डिस्लेक्सिया से पीड़ित छात्रों ने परीक्षा दी थी जिसमें से 25 छात्रों के 90 प्रतिशत से अधिक अंक आए हैं। 18 आंखों की बीमारी से पीड़ित छात्रों ने परीक्षा दी थी, जिसमें से 4 छात्रों के 90 प्रतिशत से अधिक अंक आए हैं।
विज्ञापन