चिन्मयानंद केस: जेल से बेल तक का सफर, यहां पढ़ें तारीखवार कब क्या हुआ?
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पूर्व केंद्रीय मंत्री और लॉ की छात्रा से दुष्कर्म मामले के आरोपी चिन्मयानंद को सोमवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिल गई। न्यायामूर्ति राहुल चतुर्वेदी ने जमानत पर निर्णय सुनाते हुए चिन्मयानंद को रिहा करने का आदेश दिया है। इस मामले में पीड़ित छात्रा और उसके साथियों की जमानत हाईकोर्ट से पहले ही मंजूर हो चुकी है। छात्रा और उसके साथियों पर चिन्मयानंद से रंगदारी मांगने का आरोप है। आगे पढ़ें कब क्या हुआ...
24 अगस्त 2019
छात्रा ने फेसबुक पर वीडियो वायरल कर स्वामी चिन्मयानंद पर कई लड़कियों की जिंदगी बर्बाद करने का आरोप लगाया था। वीडियो वायरल करने के बाद छात्रा रहस्यमय तरीके से तालपता हो गई थी। जिसके बाद छात्रा के पिता ने स्वामी चिन्मयानंद के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई थी।
शाम चार बजे छात्रा ने फेसबुक पर वीडियो वायरल किया। इसके बाद छात्रा ने अपने मां के मोबाइल पर 7352467048 से कॉल की थी। छात्रा के पिता ने बताया कि अपनी मां से बात करते समय उसकी आवाज से लग रहा था कि वह घबराई हुई है, लेकिन उसने यह नहीं बताया कि वह है कहां पर ?
25 अगस्त 2019
27 अगस्त 2019
12 सितंबर 2019
(एसआईटी) ने देर रात तक चिन्मयानंद से करीब सात घंटे तक पूछताछ की। स्वामी का बेडरूम भी सील कर दिया गया। चिन्मयानंद के बिना अनुमति आश्रम से बाहर निकलने पर भी रोक लगा दी गई है। साथ ही जांच पूरी होने तक उनके शाहजहांपुर से बाहर जाने पर भी रोक लगा दी गई है।
16 सितंबर 2019
इस दिन छात्रा को कोर्ट लाया गया। इस दौरान सुरक्षा काफी कड़ी रही। छात्रा सुबह 10 बजे जेएम प्रथम कोर्ट में पहुंची और बयान दर्ज कराने के बाद दोपहर 2:42 बजे कोर्ट से निकली। करीब पौने पांच घंटे तक कोर्ट की कार्यवाही चली, जिसके बाद कड़ी सुरक्षा के बीच छात्रा को घर भेज दिया गया।
धारा 164 से तहत छात्रा के कलमबंद बयान दर्ज किए जाने के बाद देर शाम स्वामी चिन्मयानंद की हालत अचानक बिगड़ गई थी। रात करीब आठ बजे मेडिकल कॉलेज और प्राइवेट डॉक्टरों की टीम आश्रम में उनके आवास दिव्य धाम पहुंची और उपचार किया था।
18 सितंबर 2019
चिन्मयानंद के खिलाफ दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज न होने से नाराज छात्रा अपने पिता व भाई के साथ इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंची। यहां छात्रा का कहना है कि स्वामी की गिरफ्तारी नहीं हुई तो वह आत्महत्या कर लेगी। एसआईटी भी उसे इस मामले में कुछ नहीं बता रही है। इसलिए वह और भी व्यथित है, इस बात की जानकारी छात्रा के पिता ने दी है।
हाईकोर्ट से मिली जमानत
बता दें कि 18 सितंबर 2019 और तीन फरवरी 2020 के पहले कई बार चिन्मयानंद की ओर से कोर्ट में जमानत की अर्जी डाली गई जिसे समय-समय पर कोर्ट ने खारिज कर दिया। हालांकि, अंतत: तीन फरवरी को आखिरकार चिन्मयानंद को इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है।