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चाइनीज मिल्क प्रोडक्ट, कैंडी-चॉकलेट की बिक्री बंद
डीपी आर्य/अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Tue, 14 Jul 2015 09:52 PM IST
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भारतीय बाजार में अब चाइनीज मिल्क प्रोडक्ट, कैंडी और चॉकलेट की बिक्री नहीं हो सकेगी। फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट ने इन पदार्थों की बिक्री पर जून 2016 तक रोक लगा दी है।
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इन वस्तुओं में घातक रसायन मैलामाइन मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई। अब इन वस्तुओं की धरपकड़ के लिए दस दिवसीय अभियान 20 जुलाई से शुरू किया जाएगा।
चाइनीज मिल्क में मिल रहा रसायन मैलामाइन बेहद घातक है। यह रसायन उर्वरक और प्लास्टिक बनाने में प्रयोग होता है।
लोगों के शरीर में इसके पहुंचने से कैंसर और किडनी खराब होने जैसी गंभीर बीमारियां हो जाती हैं। भारतीय बाजार में चाइनीज मिल्क पाउडर और उसके कई उत्पाद बेचे जा रहे थे।
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चाइनीज मिल्क (फ्लावर्ड मिल्क) और मिल्क प्रोडक्ट (मिल्क पाऊडर, क्रीम, कैंडी, चाकलेट और सालिड मिल्क) में मिलावट 2008 में मिली थी। उस समय चाइनीज मिल्क पर एक साल केलिए रोक लगा दी गई थी।
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जून माह में हिमाचल प्रदेश में चाइनीज मिल्क में घातक रसायन मैलामाइन की मौजूदगी पाई गई। इसके बाद फिर से एक साल के लिए (जून 2016) तक के लिए भारतीय बाजार में रोक लग गई है।
अबकी बार चाइनीज मिल्क के साथ ही मिल्क पाउडर और अन्य मिल्क प्रोडक्ट की बिक्री रोक दी गई है। डीजीएफटी (डायरेक्टर जनरल आफ फोरेन ट्रेड) ने इसकी गाइड लाइन भी जारी कर दी हैं।
पर्यावरण वैज्ञानिक डा. विवेकराज सिंह के अनुसार मैलामाइन रसायन का प्रयोग प्लास्टिक का सामान बनाने और उर्वरक में किया जाता है। यह घुलता नहीं है।
इसके शरीर में जाने से कैंसर और गुर्दा फेल होने की आशंका बढ़ जाती है। वरिष्ठ फिजीशियन डा. जीवी सिंह के अनुसार यह रसायन गुर्दों से फिल्टर नहीं हो पाता है। ऐसे में यह सिस्ट केरूप में जमा रहकर गुर्दों को लगातार नुकसान पहुंचाता है।
फूड सेफ्टी विभाग कमिश्नर हेमंत राव के अनुसार चाइनीज मिल्क और इसका कोई उत्पाद बाजार में नहीं बिकने दिया जाएगा। इसके लिए 20 जुलाई से 10 दिन का विशेष अभियान चलाया जाएगा। दुकानदारों को चाइनीज मिल्क प्रोडक्ट न बेचने की सलाह दी गई है। लोगों से भी इनका प्रयोग न करने की अपील की गई है।.