Exclusive: दंगाइयों से निपटेगा 'मिर्ची बम'
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दंगों के लिए बदनाम हो चुके पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अब इससे निपटने के लिए पुलिस ने खास इंतजाम किए हैं। 30 मई से मेरठ जोन में 43 बिंदुओं पर थानावार नई दंगा नियंत्रण योजना शुरू की जा रही है। गाजियाबाद में इसकी फुलप्रूफ तैयारी कर दी गई है।
इसके तहत गाजियाबाद को 573 मिर्ची बम, 12 बोर के 300 पंप एक्शन गन और 12 रायट गन आवंटित की गई हैं।
इसके अलावा वाहनों में 65 बाइकें, 21 स्कॉर्पियो और 21 टाटा 207 मिल चुके हैं। जल्द ही असलहे मिलने की उम्मीद है। अभी तक पुलिस दंगाइयों को रोकने के लिए वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल करती थी।
पहली बार यूज होगा मिर्ची बम
अब पहली बार मिर्ची बम का इस्तेमाल करेगी। इससे हाथ-पैर तो नहीं टूटेंगे, मगर आंखों में तेज जलन और आंसुओं की वजह से वे कुछ ही देर में भागने पर मजबूर हो जाएंगे।
जानकारों की मानें तो मिर्ची बम से निकलने वाली गैस में मिर्च को जलाने पर होने वाली गंध जैसी वातावरण में फैल जाती है। इससे तेज खांसी आती है, आंखों में जलन हो जाती है, आंसू निकलने लगते हैं।
कुछ देर के लिए व्यक्ति को लगता है कि उसे कुछ नजर नहीं आ रहा। इस हालत में पुलिस आसानी से दंगाइयों को पकड़ सकेगी।
बवाल करा सकते हैं खुराफाती
खुफिया विभाग की रिपोर्ट है कि कुछ असामाजिक तत्व बवाल करा सकते हैं। वे धार्मिक भावनाओं को भड़काकर लोगों को आमने-सामने कर सकते हैं।
यही वजह है कि गाजियाबाद समेत मेरठ जोन में इन दिनों हाईअलर्ट है। गाजियाबाद संवेदनशील जिलों में से है।
प्रतिसार निरीक्षक हरिकांत द्विवेदी ने बताया कि गाजियाबाद पुलिस को 65 बाइकें, 21 स्कॉर्पियो और 21 टाटा 207 मिल चुके हैं। मिर्ची बम, पंप एक्शन गन और रायट गन भी आवंटित हो चुकी हैं, जो जल्द ही मिल जाएंगी।