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बाल दिवसः पंखों से नहीं, हौसलों से उड़ान होती है...

Thu, 14 Nov 2019 06:15 AM IST
दुष्यंत शर्मा नेहा शर्मा, नोएडा
नेहा शर्मा, नोएडा Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Thu, 14 Nov 2019 06:15 AM IST
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Children's Day Flying not with wings but with courage
हौसले को सलाम - फोटो : अमर उजाला

मंजिलें उन्हीं को मिलती हैं जिनके सपनों में जान होती है, पंखों से कुछ नहीं होता है हौसलों से उड़ान होती है। या फिर यूं कहें...जब हौंसला बना लिया ऊंची उड़ान का, फिर देखना फिजूल है कद आसमान का...। 

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यह चंद पंक्तियां भले ही किताबी दुनिया में पढ़ी जाती रही हों, लेकिन शहर के बच्चों ने इन्हें चरितार्थ कर दिखाया है। आज बाल दिवस है। हम ऐसे बच्चों के बारे में बता रहे हैं, जिन्होंने कुछ अलग हटकर काम किया और छोटी सी उम्र में देश का नाम रोशन किया। इन्हें जज्बे को देखकर हर कोई हैरान है।
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चंद्रयान-2 की लैंडिंग का साक्षी बना शिवांश
एमिटी इंटरनेशनल स्कूल के 10वीं के छात्र शिवांश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ चंद्रयान-2 की लैंडिंग का साक्षी बना है। शिवांश का चुनाव एक ऑनलाइन प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता के आधार पर किया गया था। शहर के लोगों के लिए ये खुशी की बात थी। सेक्टर-50 में रहने वाले शिवांश ने बताया कि सफल विजेताओं के चयन का मापदंड कम समय में अधिक सही उत्तर देना था। इससे एस्ट्रोफिजिस्ट में करिअर बनाने की तमन्ना को बढ़ावा मिला है। शिवांश को विज्ञान का पाठ्यक्रम बेहद पसंद है और वह खासतौर पर भौतिक विज्ञान के क्षेत्र में आने वाले समय में अपना योगदान देना चाहते हैं।
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मृगांक को साउथ एशिया में मिला प्रथम पुरस्कार
विश्व भारती पब्लिक स्कूल में 10वीं कक्षा के छात्र मृगांक पावनी ने एम बिलियंथ साउथ एशिया 2018 प्रतियोगिता में मीडिया एंड इंटरटेनमेंट वर्ग में पहला स्थान प्राप्त किया था। मृगांक ने मोबाइल ऐप वेब मी का निर्माण किया था। इसके जरिए साइबर सुरक्षा के विषय पर जागरूक किया गया। प्रतियोगिता में 153 प्रतिभागियों ने भाग लिया। भारत में बहुत से लोगों को कंप्यूटर चलाना नहीं आता है। उसे देखते हुए मृगांक ने ऐप को बनाया। मृगांक को गूगल की तरफ से सम्मानित भी किया गया था।

बच्चे दे रहे हैं पर्यावरण बचाओ का संदेश
सेक्टर-30 स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल नोएडा के छात्रों के ग्रुप ने एक अनोखी पहल की है। पर्यावरण क्लब के छात्रों ने पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए 3000 पेन एकत्र किए हैं। इन छात्रों ने प्रत्येक कक्षा में एक बॉक्स रखा हुआ है, जिनमें पेन और रिफिल खत्म होने के बाद डालें जाते हैं। ये ग्रुप इस्तेमाल किए पेन को री-साइकिल के लिए एक एनजीओ को देता है। इससे जो पैसा मिलता है वो गरीब बच्चों की पढ़ाई पर खर्च किया जाता है। अब तक 5000 बेकार पेन री-साइकिल के लिए भेजे जा चुके हैं।


ये ले आए अनाथ आश्रम के बच्चों और बुजुर्गों के चेहरों पर मुस्कान
अनाथ आश्रम और वृद्घा आश्रम में रहने वाले बुजुर्गों के चेहरों पर मुस्कान लाने के लिए एमिटी इंटरनेशनल स्कूल के 12वीं के छात्रों ने मैत्री एप बनाया था। अभी तक इसे लगभग पांच हजार लोग डाउनलोड कर चुके हैं। ऐप के जरिए यह सभी लोग आपस में बातचीत करते हैं और अनाथ आश्रम व वृद्घा आश्रम में रहने वाले लोगों की मदद करते हैं। वृद्घा आश्रम के मैनेजर भी ऐप को डाउनलोड कर सकते हैं और ऐप के जरिए वृद्घ लोगों की मदद करा सकते हैं। 12वीं कक्षा की पांच छात्र अनन्या ग्रोवर, वंशिका यादव, वसुधा सुधिंद्रा, अनुष्का शर्मा और अरेफा ने ये ऐप बनाया है। एप गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है। इन्होंने शिक्षकों की मदद से इस एप को तैयार किया है। अनन्या ग्रोवर टीम की सीईओ, अनुष्का शर्मा चीफ वित्त अधिकारी, अरेफा मुख्य तकनीकी अधिकारी, वंशिका यादव मुख्य विपणन और विश्लेषणात्मक अधिकारी और वसुधा सुधिंद्रा मुख्य डिजाइन और संचार अधिकारी हैं।

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